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20 February, 2025, 10:14 AM
महाकुंभ में स्नान से लोग पड़ रहे बीमार! संगम के पानी में बढ़ा फेकल कोलीफॉर्म का लेवल, जानें सेहत पर क्या होगा इसका असर?
महाकुंभ के दौरान संगम के पानी में बैक्टीरिया की मात्रा बेहद खतरनाक स्तर तक बढ़ चुकी है, जो लोगों को बीमार बना सकती है। इस पानी में नहाने से बुखार और त्वचा संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।
Mahakumbh Snan: अब महाकुंभ समापन की ओर बढ़ रहा है। आज महाकुंभ का 39वां दिन है। अभी तक 50 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अपनी एक रिपोर्ट में संगम के पानी में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का लेवल बढ़ा हुआ पाया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी महाकुंभ में संगम के पानी में प्रदूषण के बढ़ते हुए स्तर पर चिंता जताई है। खासकर, शाही स्नान के दिनों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ जाता है। पानी में बढ़ा हुआ प्रदूषण का स्तर लोगों को बीमार बना रहा है। जी हां, महाकुंभ में संगम के पानी में स्नान के बाद लोग बीमार पड़ रहे हैं। स्नान के बाद लोगों में संक्रमण और फ्लू जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
पानी में फेकल कोलीफॉर्म कितना होना चाहिए?
क्या वाकई प्रयागराज में यमुना, गंगा और संगम का पानी प्रदूषित है? क्या यह पानी नहाने लायक भी नहीं है? सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने 3 फरवरी को एनजीटी को अपनी एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें बताया गया है कि संगम के पानी में खतरनाक बैक्टीरिया की मात्रा बेहद ज्यादा है, जो लोगों को बीमार बना सकता है। इस बैक्टीरिया को कोलीफॉर्म कहा जाता है। इसका मतलब है कि पानी में दूषित सीवेज की मात्रा बेहद ज्यादा है।
जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार 100 मिलीलीटर पानी में फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा 2500 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लेकिन, महाकुंभ के शुरू होने के बाद संगम के पानी में फेकल कोलीफॉर्म की मात्रा बेहद खतरनाक श्रेणी में है। अब यह पानी हाथ धोने के लायक भी नहीं बचा है।
क्या है फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया?
आपको बता दें कि फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया का एक समूह है। इसमें कई बैक्टीरिया होते हैं। ये बैक्टीरिया इंसानों और जानवरों के मल-मूत्र में पाया जाता है। इस बैक्टीरिया के संपर्क में आने से लोग बीमार हो जाते हैं। संगम के पानी में भी फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया है, जो कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है। जो लोग संगम के पानी में नहा रहे हैं या इस पानी को पी रहे हैं, उनमें कई तरह की बीमारियां होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसकी वजह से त्वचा रोग, संक्रमण और डायरिया जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
सेहत पर बढ़े हुए फेकल कोलीफॉर्म का असर
पेट से जुड़ी बीमारियों का जोखिम
संगम स्नान में बढ़े हुए बैक्टीरिया के कारण पेट से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। अगर कोई बैक्टीरिया वाले इस पानी में नहाता है या पीता है, तो इससे दस्त, उल्टी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आंखों और कानों का संक्रमण
बढ़े हुए बैक्टीरिया के पानी में नहाने से आंखों और कानों का संक्रमण भी हो सकता है। इससे आंखों में जलन और रेडनेस की समस्या हो सकती है। कानों में भी इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है।
त्वचा पर संक्रमण
संगम के पानी में नहाने से त्वचा का संक्रमण भी हो सकता है। दरअसल, गंदे पानी में नहाने से त्वचा पर खुजली और रैशेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस पानी में नहाने से फंगल इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है।
यूटीआई की समस्या
बैक्टीरिया वाले पानी में नहाने से या इस पानी को पीने से यूटीआई की समस्या (UTI) भी हो सकती है। संगम के पानी में नहाकर वापस आए लोगों में यूटीआई के मामले देखने को मिल रही है।
Source:
https://www.thehealthsite.com/hindi/diseases-conditions/faecal-coliform-bacteria-increase-in-ganga-at-prayagraj-mahakumbh-know-its-side-effects-on-health-in-hindi-1188537/




