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समय से पहले मेनोपॉज के कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस का बढ़ जाता है खतरा? हेल्थ एक्सपर्ट से जानें

15 February, 2025, 06:58 AM

समय से पहले मेनोपॉज के कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस का बढ़ जाता है खतरा? हेल्थ एक्सपर्ट से जानें

कई बार 45 साल की उम्र वाली महिलाओं को मेनोपॉज कम उम्र में हो जाती  है. जिसके कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस का कारण बनता है. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दो महत्वपूर्ण महिला हार्मोन हैं.

कई बार 45 साल की उम्र वाली महिलाओं को मेनोपॉज कम उम्र में हो जाती  है. जिसके कारण रूमेटाइड अर्थराइटिस का कारण बनता है. एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दो महत्वपूर्ण महिला हार्मोन हैं. जब किसी महिला का मेनोपॉज शुरू होता है तो दो हार्मोन का लेवल शरीर में काफी कम हो जाता है. 

जब मेनोपॉज समय से पहले हो जाती है तो क्या होता है?

मेनोपॉज समय से पहले होने पर शारीरिक रूप से हार्मोन में गिरावट पहले से ही आ जाती है. एस्ट्रोजन शरीर की इम्युनिटी को प्रभावित करता है और समय से पहले मेनोपॉज होने पर यह प्रभावित होता है. इस समय ऑटोइम्यून की इम्युनिटी होने की संभावना होती है. एस्ट्रोजन में कमी से सेलुलर तंत्र में परिवर्तन होता है. जिसका संबंध गठिया के हल्के रूप सेरोनिगेटिव आरए के विकास से है. मेनोपॉज के दौरान दिमाग के उच्च केंद्रों से अंडाशय तक जाने वाले संकेत और कार्य कम हो जाते हैं.

जब हमने मुंबई के सैफी अस्पताल में कंसल्टेंट प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ निधि शर्मा चौहान से बात की तो उन्होंने कहा कि समय से पहले मेनोपॉज के मामले में यह बहुत पहले ही होने लगता है. साक्ष्यों से पता चला है कि हल्के सेरोनिगेटिव रूमेटाइड गठिया का संबंध समय से पहले मेनोपॉज की शुरुआत से है. मेनोपॉज के कुछ लक्षण जैसे जोड़ों में दर्द, शरीर में दर्द और मांसपेशियों में थकान रूमेटाइड गठिया के लक्षणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं.

मेनोपॉज वाली महिलाओं को एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन

 क्या समय से पहले मेनोपॉज वाली महिलाओं को एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन में समय से पहले गिरावट के कारण होने वाली कई समस्याओं से बचने के लिए इलाज की आवश्यकता होती है? अब यह दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि समय से पहले डिम्बग्रंथि विफलता (40 साल से पहले रजोनिवृत्ति) से गुजरने वाली महिलाओं और समय से पहले मेनोपॉज (45 वर्ष से पहले) वाली महिलाओं को औसत शारीरिक मेनोपॉज (51-52 साल) की उम्र तक हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (जिसे अब मेनोपॉज हार्मोन थेरेपी के रूप में जाना जाता है) लेने से लाभ होता है.

बेशक थेरेपी शुरू करने से पहले परामर्श किया जाना चाहिए और नियमित अंतराल पर फॉलो-अप की सिफारिश की जाती है. यह भी सच है कि रुमेटीइड गठिया जैसी ऑटोइम्यून बीमारी होने से समय से पहले डिम्बग्रंथि अपर्याप्तता और समय से पहले रजोनिवृत्ति हो सकती है. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (जनवरी 2024) में पब्लिश ब्रिटिश मेनोपॉज सोसायटी के एक हालिया अध्ययन में यह बात प्रमाणित हुई है कि 14 साल से अधिक की आयु में रजोनिवृत्ति और 45 साल से कम उम्र में रजोनिवृत्ति वाली लड़कियों में रुमेटीइड गठिया का खतरा बढ़ जाता है.







Source:

https://www.abplive.com/lifestyle/health/early-menopause-and-severity-of-rheumatoid-arthritis-in-women-older-than-45-years-2884666
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