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5 February, 2025, 07:11 AM
पेरेंट्स से बच्चों में कैंसर होने के इतने होते हैं चांस, क्या ये भी जेनेटिक बीमारी है?
कैंसर वंशानुगत हो सकता है लेकिन हर केस में ऐसा होना संभव नहीं है. कुछ मामलों में वंशानुगत जेनेटिक चेंजेज के कारण कैंसर परिवारों में काफी जेनरेशन तक चलता है. जिसके कारण माता-पिता से बच्चों में होता है.
वंशानुगत आनुवंशिक परिवर्तन कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. ये स्थिति माता-पिता के अंडे या शुक्राणु कोशिकाओं में मौजूद हो सकते हैं. ये वंशानुगत आनुवंशिक परिवर्तन पारिवारिक कैंसर सिंड्रोम को जन्म दे सकते हैं.
BRCA1 और BRCA2 जीन्स जो स्तन कैंसर का कारण बनता है, एक परिवार की कई पीढ़ियों (Genetic Cancer) में पहुंच सकता है.
परिवार के सदस्य अक्सर स्मोकिंग जैसे व्यवहार पैटर्न शेयर करते हैं, उनके पास प्रदूषकों और अन्य पर्यावरणीय कारकों का सामान्य जोखिम भी है. ये कुछ अन्य कारण हैं जिनकी वजह से कभी-कभी परिवार में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.
यह सच है कि सभी लोगों को जेनेटिक कैंसर नहीं होगा, फिर भी ऐसे व्यक्तियों में सबसे अधिक जोखिम होता है. परिवार के जिस भी सदस्य को कैंसर है या पहले हुआ है, उसे इस आनुवंशिक जोखिम की जांच के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए.
अब हमारे पास सामान्य ब्लड टेस्ट के जरिए इस जोखिम को निर्धारित करने की क्षमता है. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इन 'जेनेटिक टेस्ट' के जरिए पता लगा सकते हैं कि किसी व्यक्ति को ये म्यूटेशन विरासत में मिले हैं या नहीं.
कैंसर पर कोई भी बात घबराहट भरी होती है, इसलिए इन परीक्षणों से गुजरने से पहले एक जेनेटिक काउंसलर से मिलने की सलाह दी जाती है और अगर रिजल्ट चिंता का कारण हैं, तो यह तय करने के लिए काउंसलिंग जारी रखें कि आगे क्या एक्शन लिया जाए.
एक नगेटिव जीन रिजल्ट सभी चिंताओं को समाप्त कर देता है. टेस्ट में पहचाने गए म्यूटेशन के प्रकार के आधार पर ऑन्कोलॉजिस्ट जोखिम को कम करने के लिए विभिन्न विकल्प बता सकते हैं.
Source:
https://www.abplive.com/photo-gallery/lifestyle/health-world-cancer-day-2025-inherited-genetic-changes-can-increase-the-risk-of-developing-cancer-2877377




