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31 July, 2015, 10:52 AM
दूध के दांतों में कीड़ा, तो à¤à¥€ इलाज जरूरी डॉ. समीर शरà¥à¤®à¤¾, दंत रोग विशेषजà¥à¤ž
"दूध के दांत à¤à¤• समय के बाद गिरने लगते हैं, लेकिन इसमें लगे कीड़ों का इलाज करवाना बेहद जरूरी है" बचपन में आने वाले दांतों को दूध के दांत कहते हैं। लोगों में यह à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚ति होती है कि दूध के दांत à¤à¤• समय के बाद गिरने लगते हैं इसलिठइनमें बीमारी होने या कीड़े आदि लगने पर इनका इलाज जरूरी नहीं होता। लेकिन उचित समय पर इलाज न कराने से दूध के दांतों के गिरने के बाद परमानेंट (सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ) दांत सही पà¥à¤°à¤•ार से नहीं आ पाते और उनमें शà¥à¤°à¥‚ में ही तकलीफ होने लगती है। टेढ़े-मेढ़े दांत दूध के दांत आमतौर पर 6-12 वरà¥à¤· की आयॠमें à¤à¤•-à¤à¤• करके गिरते हैं और उनकी जगह परमानेंट दांत ले लेते हैं। किसी दांत में कीड़ा लग जाठऔर उसके गिरने का समय फिलहाल दूर हो तो ऎसे में दांत का इलाज न कराकर उसे निकाल दिया जाता है। लेकिन इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में वह जगह खाली रह जाती है और टेढ़े-मेढ़े दांतों की समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। इसी वजह से आने वाले परमानेंट दांत अपनी सही जगह नहीं ले पाता है। फिलिंग करवाà¤à¤‚ कई बार दूध के दांतों में कीड़ा लगने या कमजोर होने से इसका संकà¥à¤°à¤®à¤£ उसके नीचे उगने वाले परमानेंट दांत में à¤à¥€ पहà¥à¤‚चने की आशंका रहती है इसलिठकीड़ा लगने की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर दंत रोग विशेषजà¥à¤ž से सलाह लेकर दांत में फिलिंग करवाà¤à¤‚। जांच जरूरी यह à¤à¥à¤°à¤® है कि रूट कैनाल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में नहीं करवाना चाहिà¤à¥¤ ऎसे में जानकारी न होने से माता-पिता बचà¥à¤šà¥‡ के दूध के दांतों में परेशानी होने पर केवल दरà¥à¤¦ निवारक दवाई दे देते हैं जिससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ दांत के पलà¥à¤ª (नसों) तक पहà¥à¤‚च जाता है और डेंटल सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸ (विषैले ततà¥à¤µ) बन जाती है। इसके लिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के दांतों का रूट कैनाल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट करवाना चाहिठजो सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। देखà¤à¤¾à¤² करें 1. दांतों को किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी से बचाने के लिठ6-12 वरà¥à¤· की उमà¥à¤° के बीच कम से कम दो बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दंत रोग विशेषजà¥à¤ž को दिखाà¤à¤‚ और परामरà¥à¤¶ लें। यदि इस समसà¥à¤¯à¤¾ का समय पर इलाज न किया जाठतो दांत टेढ़े-मेढ़े हो सकते हैं या डेंटल बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¸ या वायरिंग à¤à¥€ करवानी पड़ सकती है। जो à¤à¤• लंबा और महंगा उपचार है। 2. माता-पिता को चाहिठकि वे बचपन से ही सà¥à¤¬à¤¹ और रात को सोने से पहले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बà¥à¤°à¤¶ करवाà¤à¤‚ व मीठा खाने के बाद कà¥à¤²à¥à¤²à¤¾ करने की आदत डलवाà¤à¤‚। 3. दांतों की मजबूती के लिठविटामिन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, मिनरल यà¥à¤•à¥à¤¤ फल, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ व दूध लें। 4. मीठे और जंक फूड से परहेज करें। साथ ही हर छह माह में à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से दांतों का चेकअप कराà¤à¤‚। @http://www.patrika.com/news/healthy-living/treatment-mandatory-if-milk-teeth-suffers-from-worm-1076671/
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