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3 September, 2024, 07:35 AM
मोबाइल को तकिए के नीचे रखकर सोने से हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां, समय रहते हो जाएं सावधान
बिस्तर के पास मोबाइल फोन रखकर सोने से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है. मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडिएशन स्वास्थ्य के लिए कई तरह से खतरनाक हो सकती है.
Keeping Phone Near Bed In Night Health Hazards: आजकल स्मार्टफोन लोगों के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है. कई लोग दिन भर फोन का इस्तेमाल करते हैं और सोने से पहले फोन को हाथ से दूर रख पाना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता है. कई लोग तो फोन को तकिए के नीचे रखकर सो जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आदत स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है?
मोबाइल रेडिएशन क्यों है खतरनाक?
मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडिएशन एक तरह की ऊर्जा है जो हमारे शरीर को प्रभावित कर सकती है. जब लोग फोन को अपने शरीर के करीब रखकर सोते हैं, तो यह रेडिएशन सीधे शरीर में जाती है. यह रेडिएशन शरीर के अंदर कई तरह के नुकसान पहुंचा सकती है.
तकिए के नीचे मोबाइल रखने के खतरे
कैंसर का खतरा: मोबाइल फोन के रेडिएशन से ब्रेन ट्यूमर और कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. जब लोग फोन को तकिए के नीचे रखकर सोते हैं, तो सिर रेडिएशन के सीधे संपर्क में आता है जिससे ब्रेन ट्यूमर का खतरा और भी बढ़ जाता है.
नींद की गुणवत्ता में गिरावट: मोबाइल फोन की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन के प्रोडक्शन को बाधित करती है. मेलाटोनिन नींद को कंट्रोल करने वाला हार्मोन है. जब हम फोन को सोते समय अपने पास रखते हैं, तो नीली रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है जिससे नींद आने में मुश्किल होती है. इससे अनिद्रा, थकान और सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
सिरदर्द और चक्कर आना: मोबाइल फोन के रेडिएशन से सिरदर्द और चक्कर आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जब फोन को तकिए के नीचे रखकर सोते हैं, तो यह समस्या और भी बढ़ सकती है.
फर्टिलिटी पर प्रभाव: एक्सपर्ट्स की मानें तो मोबाइल फोन की रेडिएशन पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है.
दिल की बीमारियां: लंबे समय तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.
तनाव और चिंता: सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करने से तनाव और चिंता बढ़ सकती है.
त्वचा संबंधी समस्याएं: मोबाइल फोन की रेडिएशन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे मुहांसे, झुर्रियां और त्वचा का काला पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
मोबाइल रेडिएशन से बचाव के उपाय
सोने से कम से कम एक घंटा पहले फोन का इस्तेमाल बंद कर दें.
फोन को सोने के कमरे से बाहर या कम से कम कुछ दूरी पर रखें.
फोन पर बात करते समय हेडसेट का इस्तेमाल करें.
फोन की स्क्रीन की रोशनी को कम करने के लिए नाइट मोड का इस्तेमाल करें.
नीली रोशनी के प्रभाव को कम करने के लिए ब्लू लाइट फिल्टरिंग ग्लास का इस्तेमाल करें.
जब आप सो रहे हों तो फोन को फ्लाइट मोड पर रख दें.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/sleeping-with-mobile-phone-under-the-pillow-can-cause-serious-diseases-know-about-it-in-hindi-7209806/




