News Info

Go back
मेनोपॉज के दौरान क्यों होती हैं यूरिनरी ब्लैडर की समस्याएं? जानें इसके कारण

3 September, 2024, 07:27 AM

मेनोपॉज के दौरान क्यों होती हैं यूरिनरी ब्लैडर की समस्याएं? जानें इसके कारण

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है.

Hindi HealthWhy Do Urinary Bladder Problems Occur During Menopause Know How To Keep Bladder Healthy
मेनोपॉज के दौरान क्यों होती हैं यूरिनरी ब्लैडर की समस्याएं? जानें इसके कारण
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में इसके बारे में जानना बेहद जरूरी है.
Updated: September 2, 2024 2:28 PM IST

By Himadri Singh Hada 

   
Follow Us
Urinary Bladder: मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का नेचुरल प्रोसेस है, जिसमें पीरियड्स आना बंद हो जाते हैं. इस दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे पेशाब से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं.

मेनोपॉज के दौरान क्यों होती हैं यूरिनरी ब्लैडर की समस्याएं?
एस्ट्रोजन, एक महिला हार्मोन है जो ब्लैडर और यूरेथ्रा की टिश्यू को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है. मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाने से मूत्राशय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और मूत्रमार्ग की लाइनिंग पतली हो जाती है.
मेनोपॉज के दौरान मूत्राशय की संवेदनशीलता बढ़ जाती है, जिससे बार-बार पेशाब लगने की समस्या होती है.
कमजोर ब्लैडर और यूरेथ्रा के कारण यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) होने का खतरा बढ़ जाता है.
मेनोपॉज के दौरान ब्लैडर से जुड़ी सामान्य समस्याएं
अक्सर पेशाब लगना: मेनोपॉज के दौरान सबसे आम समस्या है बार-बार पेशाब लगना.
रात में पेशाब बार-बार पेशाब आना: रात में कई बार पेशाब के लिए उठना भी एक आम समस्या है.
पेशाब रोकने में परेशानी+: कुछ महिलाओं को पेशाब रोकने में कठिनाई होती है.
यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस: कुछ मामलों में, यूरिन लीकेज भी हो सकता है.
मेनोपॉज के दौरान यूरिनरी ब्लैडर को स्वस्थ रखने के टिप्स
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज: पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज मूत्राशय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं.
तरल पदार्थों का सेवन: पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, लेकिन सोने से पहले बहुत ज्यादा पानी न पीएं. कैफीन और अल्कोहल से परहेज: कैफीन और अल्कोहल मूत्राशय को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे बार-बार पेशाब लगने की समस्या बढ़ सकती है.
तीखा भोजन कम खाना: तीखा भोजन मूत्राशय को परेशान कर सकता है.
वजन को कंट्रोल रखना: अतिरिक्त वजन मूत्राशय पर दबाव डाल सकता है.
धूम्रपान से परहेज: धूम्रपान मूत्राशय को नुकसान पहुंचा सकता है.
यूटीआई से बचाव: स्वच्छता का ध्यान रखें और यूटीआई के लक्षणों को पहचानें.
तनाव कम करें: तनाव ब्लैडर की समस्याओं को बढ़ा सकता है, इसलिए तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान या गहरी सांस लेना जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं.
डॉक्टर से नियमित जांच: नियमित रूप से डॉक्टर से जांच करवाएं.
पब्लिक टॉयलेट अवॉइड करना
कई लोगों का मानना है कि पब्लिक टॉयलेट का उपयोग करने से यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाता है. यूटीआई का कारण बैक्टीरिया का ब्लैडर में प्रवेश करना है. पब्लिक टॉयलेट का उपयोग करने के बाद अच्छी तरह से हाथ धोने से यूटीआई के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.




Source:

https://www.india.com/hindi-news/health/why-do-urinary-bladder-problems-occur-during-menopause-know-how-to-keep-bladder-healthy-7212556/
Close
Need Help?
Call us at:
90391-43777
99074-07777
Need Help