News Info
Go back
27 July, 2024, 06:25 AM
Pregnancy में क्यों रहता है पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी का खतरा? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव
Pregnancy में क्यों रहता है पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी का खतरा? जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव
Peripartum Cardiomyopathy Causes: पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी एक ऐसी हृदय की बीमारी है, जो गर्भावस्था के अंतिम महीनों में या डिलीवरी के तुरंत बाद महिलाओं को प्रभावित करती है. इस बीमारी में हृदय की मांसपेशी कमजोर हो जाता है और वह शरीर में पर्याप्त मात्रा में खून पंप करने में असमर्थ हो जाता है.
पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी के लक्षण
पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी के लक्षण धीरे-धीरे या अचानक दिखाई दे सकते हैं.
साँस लेने में कठिनाई खास तौप पर शारीरिक गतिविधि के दौरान या लेटने पर ज्यादा होता है.
पैरों में सूजन हृदय की पंपिंग क्षमता कम होने के कारण होता है.
लगातार थका हुआ महसूस होना.
दिल की धड़कन का तेज होना. अनियमित या तेज दिल की धड़कन.
खांसी के साथ कभी-कभी खून भी आ सकता है.
चक्कर आना या बेहोशी होना. हृदय द्वारा मस्तिष्क में पर्याप्त खून न पहुंचने के कारण.
पेट में दर्द दाहिने ऊपरी हिस्से में हो सकता है.
पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी के कारण
40 साल से ज्यादा उम्र की गर्भवती महिलाओं में इस बीमारी का खतरा अधिक होता है.
जुड़वां या ज्यादा बच्चों का गर्भधारण होना. एक से ज्यादा बच्चे होने से हृदय पर अधिक दबाव पड़ता है.
पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं में इस बीमारी का खतरा अधिक होता है.
गर्भावस्था के दौरान मोटापा हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है.
हाई ब्लड प्रेशर हृदय को कमजोर कर सकता है.
कुछ दवाएं हृदय को प्रभावित कर सकती हैं.
पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी का इलाज
हृदय की पंपिंग क्षमता को बढ़ाने और द्रव को बनाए रखने से रोकने के लिए दवाएं दी जा सकती हैं.
गंभीर मामलों में ऑक्सीजन थेरेपी की आवश्यकता हो सकती है.
एक स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं.
कुछ गंभीर मामलों में, हृदय प्रत्यारोपण की आवश्यकता हो सकती है.
पेरिपार्टम कार्डियोमायोपैथी से बचाव
गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ वजन बनाए रखना जरूरी है.
प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है .
गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से डॉक्टर से जांच कराएं.
स्वस्थ आहार लेना, रोजाना एक्सरसाइज करना और तनाव से बचना हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/what-is-the-risk-of-peripartum-cardiomyopathy-in-pregnant-women-know-its-symptoms-causes-and-prevention-7117812/




