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24 July, 2024, 07:58 AM
एंजाइटी और डिप्रेशन बढ़ा सकता है ब्लड क्लॉटिंग का खतरा, जानें खून का थक्का बनने के लक्षण
Blood clotting Symptoms: एंग्जायटी और डिप्रेशन एक आम समस्या है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है. ऐसे में इसके लक्षण और कारण जानना जरूरी है.
Hindi HealthAnxiety And Depression Can Increase The Risk Of Blood Clotting Know The Symptoms Of Blood Clot Formation
एंजाइटी और डिप्रेशन बढ़ा सकता है ब्लड क्लॉटिंग का खतरा, जानें खून का थक्का बनने के लक्षण
Blood clotting Symptoms: एंग्जायटी और डिप्रेशन एक आम समस्या है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है. ऐसे में इसके लक्षण और कारण जानना जरूरी है.
Updated: July 24, 2024 11:36 AM IST
By Himadri Singh Hada
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Blood Clotting Symptoms: चिंता और डिप्रेशन (एंग्जायटी और डिप्रेशन) न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल सकते हैं. स्टडी की मानें तो इन मानसिक बीमारियों से खून के थक्के बनने का खतरा 50% तक बढ़ जाता है. ऐसे में इस समस्या के बारे में जानना बेहद जरूरी है.
खून का थक्का क्यों बनता है?
जो लोग चिंता या डिप्रेशन से पीड़ित थे, उनमें डीप वेन थ्रोम्बोसिस और फुफ्फुसीय अन्तःशल्यीय थ्रोम्बोइम्बोलिज्म (पीई) का खतरा 50% ज्यादा था. डीप वेन थ्रोम्बोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पैरों की गहरी नसों में खून का थक्का बन जाता है. यह थक्का टूटकर फेफड़ों तक जा सकता है, जिससे पीई हो सकता है. पीई एक गंभीर स्थिति है जिसमें फेफड़ों की धमनियों में रक्त का थक्का बन जाता है.
शरीर में खून का थक्का बनने के लक्षण (Blood clotting ke lakshan in hindi)
पैरों या बाहों में दर्द, सूजन, लालिमा या गर्मी
त्वचा का मलिनकिरण
थकान
सांस लेने में तकलीफ
सीने में दर्द
खांसी, खासकर जिसमें खून आता हो
कारण
तनाव हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर, जो रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है.
भड़काऊ प्रतिक्रिया में वृद्धि, जो ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकती है और थक्के बनने की संभावना को बढ़ा सकती है.
कम गतिविधि और बैठने का समय बढ़ना, जिससे रक्त प्रवाह धीमा हो सकता है और थक्के बनने की संभावना बढ़ सकती है.
अगर आप चिंता या डिप्रेशन से पीड़ित हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें कि खून के थक्के बनने के खतरे को कम करने के लिए आप क्या कर सकते हैं.
इससे बचने के उपाय
तनाव प्रबंधन तकनीकों का अभ्यास करना, जैसे योग या ध्यान
रोजाना एक्सरसाइज करना
स्वस्थ वजन बनाए रखना
धूम्रपान न करना
अल्कोहल का सेवन न करना
अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित किसी भी दवा को लेना
चिंता और डिप्रेशन होने पर डॉक्टर से सलाह लें.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/anxiety-and-depression-can-increase-the-risk-of-blood-clotting-know-the-symptoms-of-blood-clot-formation-7109493/




