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24 July, 2024, 07:44 AM
Budget 2024: बजट में ऐलान के बाद कैंसर की कौन सी 3 दवाइयां हुई सस्ती? जानें कितना होगा फायदा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैंसर के मरीजों के लिए एक बड़ी घोषणा की है, जिसमें इन 3 दवाओं पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी हटाकर जीरो कर दिया गया है.
Cancer Drugs in Budget 2024: बीजेपी सरकार के पहले बजट 2024 में हेल्थ सेक्टर के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैंसर से पीड़ित लोगों के लिए एक नया एलान किया है, जिसमें कैंसर की इंपोर्टेड दवाओं से कस्टम ड्यूटी को हटा दिया है. इन दवाओं पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी हटाकर जीरो कर दिया गया है. इसके चलते कैंसर से पीड़ित लोगों की एक महीने की बचत 40 हजार रूपये तक होगी.
कैंसर की ये तीन दवाएं हुई सस्ती
1. ट्रास्टुजुमैब डेरेक्सटेकन (trastuzumab deruxtecan)
2. ओसिमेर्टिनिव (Osimertinib)
3. डुर्बालुमैव (Durvalumab )
किस कैंसर में काम आती हैं ये दवाएं?
1. ट्रास्टुजुमैब डेरेक्सटेकन
ट्रास्टुजुमैब डेरेक्सटेकन का इस्तेमाल HER2-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर की स्थिति में किया जाता है. यह ब्रेस्ट कैंसर का एक प्रकार है, जिसमें HER2 नामक प्रोटीन का लेवल ज्यादा होता है. ट्रास्टुजुमैब डेरेक्सटेकन इस प्रोटीन को टारगेट करके कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती है. इसके अलावा अग्रिम चरण का ब्रेस्ट कैंसर, जिसका मतलब है कि कैंसर शरीर के अन्य अंगों में भी फैल चुका है. यह पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में काम आती है. इसे कैंसर में मरीज को 3 हफ्तों में एक बार दी जाती है. इसकी कीमत करीब 4 लाख रुपये होती है.
2. ओसिमेर्टिनिव
नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर, जो फेफड़ों का कैंसर का सबसे आम प्रकार है. ओसिमेर्टिनिव उन NSCLC मामलों में विशेष रूप से प्रभावी है, जिनमें एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर जीन में म्यूटेशन पाया गया हो. ये म्यूटेशन कैंसर कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने में मदद करते हैं. ओसिमेर्टिनिव इन म्यूटेशन को टारगेट कर कैंसर के विकास को रोकने का काम करती है. यह मरीज को रोजाना दी जाती है, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये तक आती है.
3. डुर्बालुमैव
डुर्बालुमैव एक ऐसी इम्यूनोथेरेपी दवा है, जो कैंसर के इलाज में शरीर की अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर काम करती है. नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर फेफड़ों का कैंसर का सबसे आम प्रकार है. डुर्बालुमैव का इस्तेमाल खासतौर पर उन मामलों में किया जाता है, जहां शुरुआती इलाज (जैसे सर्जरी, कीमोथेरेपी) सफल नहीं रहा हो. इसका उपयोग ब्लैडर कैंसर के मामलों में भी किया जाता है. यह दवा भी मरीज को करीब 21 दिन में एक बार लेनी होती है. इसकी कीमत लगभग ढ़ाई लाख रुपये के आसपास है.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/budget-2024-bjp-government-proposes-to-fully-exempt-3-cancer-drugs-from-customs-duty-know-about-it-in-hindi-7109890/




