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क्या फल खाने से लोगों को शिकार बना रहा निपाह वायरस? केरल में हुई बच्ची की मौत

23 July, 2024, 07:39 AM

क्या फल खाने से लोगों को शिकार बना रहा निपाह वायरस? केरल में हुई बच्ची की मौत

Nipah Virus: एक जूनोटिक वायरस जो जानवरों से इंसानों में फैलता है. दरअसल, निपाह वायरस के कारण केरल में 14 साल के बच्चे ने जान गंवा दी. राज्य में इस वायरस से यह पहली मौत है.

Nipah Virus: निपाह वायरस जानवरों से इंसानों में फैलने वाला गंभीर इंफेक्शन है. 'वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन' की मानें तो इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी यह गंभीर बीमारी अपना शिकार बना लेती है. इस बीमारी में चमगादड़ों और सूअरों में सबसे ज्यादा संक्रामक बढ़ते हैं. केरल में एक बार फिर से वायरस तेजी में बढ़ने लगा है.इससे बचने के लिए सरकार के तरफ से सख्त कदम उठाने की कोशिश की जा रही है. आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानें निपाह के वायरस के लक्षण.

निपाह वायरस क्या है?

निपाह वायरस की पहचान सबसे पहले 1998-99 की गई थी. मलेशिया के कम्पंग सुंगाई निपाह से सबसे पहले निपाह वायरस के मामले सामने आए थे. 250 से ज्यादा लोगों में इस इफेक्शन के मामले सामने आई थीं. 

निपाह वायरस क्या है और कितना खतरनाक

निपाह वायरस (NIV) एक तरह का जूनोटिक वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में आ जाता है, फिर बाकी लोगों में फैलता है. मुख्य तौर पर निपाह वायरस चमगादड़ और सुअर से इंसानों में फैलता है. इस वायरस का खतरा जानवरों या उनके शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से बढ़ता है. इसकी वजह से बुखार, उल्टी, सांस की बीमारी और दिमाग में सूजन हो सकता है. यह वायरस जानलेवा है. इसके लक्षण आमतौर पर 4 से 14 दिनों के अंदर दिखाई देते हैं.

निपाह वायरस के क्या-क्या लक्षण हैं

बुखार आना
उल्टी
सिरदर्द
खांसी
गला खराब होना
सांस लेने में दिक्कत

निपाह वायरस से बचने के लिए क्या करें

1. बीमार जानवरों के संपर्क में आने से बचें.
2. हाथों को बार-बार साबुन से धोते रहें.
3. खाने से पहले फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोएं और छीलें.
4. दूषित चीजों को खाने से बचें.
5. साफ पानी ही पिएं.
6. संक्रमित के संपर्क में सीधे आने से बचें.

निपाह वायरस संक्रमण के कारण

आमतौर पर निपाह वायरस फलाहारी चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है. संक्रमित चमगादड़ों के कॉन्टैक्ट आने से यह बीमारी फैलती है. लार और गंदा खाना खाने से वायरस फैलने लगते हैं. 

निपाह संक्रमण का इलाज

निपाह वायरस से संक्रमण मोनोक्लोनल एंटीबॉडी अच्छा माना जाता है. भारत सरकार ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी मंगवाई गई थी. फिलहाल इस वायरस के खिलाफ अब तक कोई टीका नहीं है. यह संक्रमित जानवर और लोगों के संपर्क आने से फैलता है. 













Source:

https://www.abplive.com/lifestyle/health/kerala-14-year-old-boy-who-tested-positive-for-nipah-dies-of-cardiac-arrest-2743654
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