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21 July, 2024, 09:48 AM
हार्ट अटैक से लेकर डायबिटीज तक, शरीर में मोटापा बढ़ते ही होने लगता है इन बीमारियों का खतरा
Risk of disease in obesity: मोटापा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में अत्यधिक वसा जमा हो जाती है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसे आमतौर पर बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के माध्यम से मापा जाता है। जब किसी व्यक्ति का BMI 30 या उससे अधिक होता है, तो उसे मोटापे की श्रेणी में रखा जाता है। लेकिन मोटापा सिर्फ बाहरी रूप से ही नहीं, बल्कि आंतरिक रूप से भी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और वजन प्रबंधन के माध्यम से इन बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। समय पर चिकित्सा जांच और जीवनशैली में सुधार भी इन खतरों को कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन मोटापा बढ़ने से आपको कौन सी बीमारियां घेर सकती हैं आपको इस बारे में भी पता होना चाहिए।
1. हार्ट अटैक (Heart Attack)
मोटापे के कारण शरीर में सूजन बढ़ने लगती है जो हृदय पर अतिरिक्त भार डालता है और धमनियों में पट्टिका का निर्माण करता है, जिससे रक्त प्रवाह में बाधा आ सकती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इस कारण आपको ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है जिसकी वजह से आपको कहीं तरीके की परेशानियां हो सकती हैं। मोटापा रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है। उच्च रक्तचाप से हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी की समस्याओं का खतरा बढ़ता है। वही आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाने का भी काम करता है।
2. डायबिटीज (Diabetes)
मोटापा बढ़ाने का सीधा सा कारण है ज्यादा खाना। ज्यादा खाना आपने डायबिटीज का कारण बन सकता है क्योंकि इस दौरान आप फास्ट फूड में प्रोस्टेट फूड का अधिक सेवन करते हैं। इसलिए मोटापा इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बन सकता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। मोटापे से जुड़े फैटी एसिड और सूजन भी रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित करते हैं।
3. हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol)
जब आप अधिक भोजन का सेवन करते हैं जो की ज्यादा तेल युक्त व्यवसाय से भरा होता है तो यह आप में हाई कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है। विशेषज्ञ भी कहते हैं कि मोटापा शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को बढ़ा सकता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को कम कर सकता है, जिससे धमनियों में पट्टिका का निर्माण और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।
4. स्लीप एपनिया
स्लीप एपनिया एक गंभीर नींद विकार है, जिसमें व्यक्ति की सांस नींद के दौरान बार-बार रुकती और शुरू होती है। मोटापा स्लीप एपनिया के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। स्लीप एपनिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, लेकिन उचित उपचार और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से इसे प्रबंधित किया जा सकता है। मोटापा स्लीप एपनिया के प्रमुख कारणों में से एक है, इसलिए वजन प्रबंधन महत्वपूर्ण है।
5. हड्डी की कमजोरी (Bone Weakness)
मोटापे के कारण आपकी हड्डियां भी कमजोर हो सकती हैं। मोटापा हड्डियों और जोड़ों पर अतिरिक्त भार डालता है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस और अन्य जोड़ों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। अतिरिक्त वजन से हड्डियों की मजबूती पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Source:
https://www.thehealthsite.com/hindi/diseases-conditions/five-type-of-disease-risk-that-occur-with-obesity-in-hindi-1109568/




