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स्टडी में हुआ खुलासा, एंग्जायटी से पार्किंसंस रोग होने का जोखिम दोगुना

4 July, 2024, 07:21 AM

स्टडी में हुआ खुलासा, एंग्जायटी से पार्किंसंस रोग होने का जोखिम दोगुना

हाल ही में स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि एंग्जायटी पार्किंसंस रोग का बड़ा कारण बन सकती है.

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के एक नए अध्ययन के अनुसार, 50 से अधिक उम्र के जिन लोगों को एंजाइटी की समस्या होती है, उनमें उनमें पार्किंसंस रोग विकसित होने की संभावना दोगुनी होती है. शोधकर्ताओं ने कहा कि इस खोज से पार्किंसंस के शुरुआती निदान और उपचार में सुधार हो सकता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, पार्किंसंस रोग एक न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है जो दुनिया भर में 8.5 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करता है. इसके कारण संतुलन संबंधी समस्याएं, इनवॉलेंटरी एक्टिविटीज, कंपकंपी, गंध की हानि, नींद की समस्याएं और संज्ञानात्मक गिरावट जैसे लक्षण होते हैं, जो समय के साथ खराब हो जाते हैं.

इनपर हुआ शोध-
यूसीएल टीम ने 2008 और 2018 के बीच यूके के प्राथमिक देखभाल डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें 1,09,435 वयस्कों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें 50 वर्ष की आयु के बाद एंजाइटी की समस्या विकसित हुई.

उन्होंने इस समूह की तुलना बिना किसी एंजाइटी के लक्षणों वाले 8,78,256 लोगों से की. उम्र, लिंग, सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि, जीवनशैली, मानसिक बीमारी, सिर का आघात और मनोभ्रंश जैसे कारकों को समायोजित करने के बाद, उन्होंने पाया कि एंजाइटी वाले लोगों में पार्किंसंस विकसित होने की संभावना दोगुनी थी. जाइटी से ग्रस्त लोगों में पार्किंसंस के बढ़ते जोखिम से जुड़े अन्य लक्षणों में अवसाद, लो ब्लड प्रेशर, कंपकंपी, कठोरता, संतुलन की समस्याएं, कब्ज, नींद की गड़बड़ी और थकान शामिल हैं.

क्या है पार्किंसंस रोग?
पार्किंसंस की परेशानी अक्सर वयस्कों में देखी जाती है. ये दिमाग से जुड़ी एक बीमारी होती है, जिसमें मरीज मानसिक संतुलन खोने लगता है. इसके साथ ही मरीज की चलने फिरने की गति भी धीमी हो जाती है. शरीर में कंपन की समस्या होने लगती है. इसमें पूरा शरीर या कुछ अंग लगातार हिलते रहते हैं.

पार्किंसंस रोग एक ऐसी स्थिति है जहां आपके मस्तिष्क का एक हिस्सा खराब हो जाता है, जिससे समय के साथ अधिक गंभीर लक्षण उत्पन्न होते हैं.

पार्किंसंस रोग के लक्षण-

– हाथ पैरों में कंपकपी

-गंध की हानि

-नींद न आना

-हिलने-डुलने या चलने में परेशानी होना

-कब्ज़

-चक्कर आना या बेहोशी

-अवसाद

-निगलने, चबाने और बोलने में कठिनाई

मूत्र संबंधी समस्या या कब्ज

-त्वचा संबंधी समस्याएं

















Source:

https://www.india.com/hindi-news/health/anxiety-can-increase-risk-of-parkinsons-disease-for-people-over-50-study-reveals-know-the-symptoms-of-parkinsons-disease-7054448/
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