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11 July, 2015, 09:46 AM
वट वृकà¥à¤· के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से दूर होते हैं पिंपलà¥à¤¸
"वट वृकà¥à¤· के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को तवे पर सेककर सहने योगà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पिंपलà¥à¤¸ के ऊपर बांधने से लाठमिलता है " वट वृकà¥à¤· (बरगद) की तासीर ठंडी होती है जो कफ, पितà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर कर रोगों का नाश करती है। बà¥à¤–ार, सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚, उलà¥à¤Ÿà¥€ और तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रोगों में वट वृकà¥à¤· के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚, जड़ों और दूध का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— फायदेमंद होता है। पतà¥à¤¤à¥‡ हैं उपयोगी वट की कोपलें चेहरे की कांति बढ़ाने का काम करती हैं। इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को तवे पर सेककर सहने योगà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में फोड़ों या पिंपलà¥à¤¸ के ऊपर बांधने से लाठमिलता है। इसके पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की लà¥à¤—à¥à¤¦à¥€ बनाकर शहद और शकà¥à¤•र के साथ लेने से नकसीर की समसà¥à¤¯à¤¾ में आराम मिलता है। वट के बीजों को पीसकर पीने से उलà¥à¤Ÿà¥€ आने की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होती है। दूध à¤à¥€ गà¥à¤£à¤•ारी जिस दांत में कीड़ा लग गया हो वहां इसके दूध में à¤à¥€à¤—ा फोहा रखने से लाठहोता है। वट का दूध, शकà¥à¤•र के साथ लेने से बवासीर में लाठहोता है। वट का दूध लगाने से सूजन कम हो जाती है। वट के दूध का लेप कमर पर करने से दरà¥à¤¦ में लाठहोता है। - See more at: http://www.patrika.com/news/beauty/banyan-tree-s-leaves-help-in-doing-away-with-pimples-1064406/#sthash.zHEZx62X.dpuf
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