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26 June, 2024, 06:46 AM
किन खतरनाक बीमारियों में सबसे जल्दी हो जाती है इंसान की मौत? पढ़े पूरी लिस्ट
कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिन्हें जड़ से मिटा नहीं सकते, लेकिन इसकी ग्रोथ को रोका जरूर जा सकता है. वहीं कुछ बीमारियां जानलेवा भी साबित हो सकती हैं.
Health News: आज के दौर में मेडिकल साइंस ने काफी प्रगति की है. कई बीमारियों का इलाज खोज लिया गया है, जो पहले लाइलाज मानी जाती थीं. लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं, जिनका आज भी कोई कारगर इलाज नहीं है. ये बीमारियां न सिर्फ जानलेवा होती हैं, बल्कि इनसे पीड़ित लोगों को काफी दर्द से गुजरना पड़ता है. इस लेख में ऐसी ही कुछ खतरनाक बीमारियों के बारे में जानेंगे, जिनका कोई इलाज नहीं है.
कुछ बीमारियों की रिसर्च के बाद भी मेडिकल साइंस को कोई रिजल्ट नहीं मिला है. कुछ बीमारियां ऐसी है कि जिन्हें जड़ से मिटा नहीं सकते है, लेकिन इसकी ग्रोथ को रोका जरूर जा सकता है. वहीं कुछ बीमारियां जानलेवा भी साबित हो सकती है.
ये 5 बीमारियां हो सकती हैं जानलेवा
1. अस्थमा
यह एक पुरानी सांस की बीमारी है, जो वायुमार्ग में सूजन और संकुचन का कारण बनती है. अस्थमा के लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में जकड़न और घरघराहट शामिल हैं. अस्थमा का कोई इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है.
2. एड्रोनोकोर्टिकल कार्सिनोमा
यह एड्रिनल ग्रंथि का एक दुर्लभ और खतरनारक कैंसर है. एड्रिनल ग्रंथि हार्मोन का प्रोडक्शन करती हैं, जो शरीर के कई कामों को नियंत्रित करते हैं. एड्रोनोकोर्टिकल कार्सिनोमा के लक्षणों में पेट में दर्द, मतली, उल्टी, थकान और कमजोरी शामिल हैं. इस कैंसर का इलाज सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी से किया जा सकता है, लेकिन यह अक्सर घातक होता है.
3. एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस
यह एक प्रगतिशील न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में मोटर न्यूरॉन्स को नष्ट कर देती है. एमियोट्रोफिक लैटरल स्क्लेरोसिस के कारण मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और बोलने और निगलने में कठिनाई होती है. इसका कोई इलाज नहीं है और यह घातक होता है.
4. सेरेब्रल एमाइलॉइड एंजियोपैथी
यह मस्तिष्क की एक बीमारी है जिसमें मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में एमाइलॉयड नामक प्रोटीन जमा हो जाता है. सेरेब्रल एमाइलॉइड एंजियोपैथी के कारण स्ट्रोक, ब्लीडिंग और कॉग्निटिव गिरावट हो सकती है. इसका कोई इलाज नहीं है, और यह अक्सर घातक होता है.
5. एचआईवी यानी एड्स
यह मानव इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) का संक्रमण है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करता है. एड्स एचआईवी संक्रमण का सबसे उन्नत चरण है. एचआईवी यानी एड्स के लक्षणों में बुखार, थकान, वजन कम होना और संक्रमण का खतरा बढ़ जाना शामिल हैं. एचआईवी यानी एड्स का कोई इलाज नहीं है, लेकिन एंटीरेट्रोवायरल दवाओं से वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है और लोगों को लंबा और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है.a
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/medical-conditions-of-people-requiring-care-at-the-end-of-life-including-cancer-asthma-adrenocortical-carcinoma-cerebral-amyloid-angiopathy-amyotrophic-lateral-sclerosis-hiv-aids-7040392/




