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22 March, 2024, 07:29 AM
क्या है Sinus Infection? जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
सामान्य सर्दी और एलर्जी साइनस ब्लॉकेज की सबसे आम स्थिति है. लेकिन इसका समय रहते इलाज नहीं कराने से यह बढ़ती उम्र के साथ गंभीर हो सकती है.
साइनस एक बहुत ही आम समस्या है, जिससे दुनिया भर के लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं. इस स्थिति में नेजल पैसेज और साइनस में सूजन जाती है. साइनस चेहरे की हड्डियों में मौजूद खोखली गुहाएं हैं, जो नाक से जुड़ी होती हैं. इनमें हवा और बलगम बनता है, जो नाक से बाहर निकलता है. साइनस नाक से हवा को गर्म और नम करके इसे फेफड़ों तक पहुंचाते हैं. साथ ही यह चेहरे की हड्डियों को सहारा और आकार देने में भी मददगार हैं. यह चेहरे की हड्डियों में मौजूद खोखली जगहें हैं, जो नाक से जुड़ी होती हैं. जब इन जगहों में इन्फेक्शन या सूजन हो जाती है, तो इसे साइनसाइटिस या साइनस कहा जाता है.
आइए जानते हैं साइनसाइटिस या साइनस के बारे में
साइनसाइटिस के कारण
साइनस इन्फेक्शन, जिसे साइनसाइटिस भी कहा जाता है. इसका मुख्य कारण एलर्जी, स्ट्रक्चरल प्रॉब्लम, वायरल इन्फेक्शन, वायरल बुखार होते हैं. पॉलिन ग्रेन, धूल और मोल्ड से एलर्जी वाले व्यक्ति को सूजन हो सकती है, जो साइनस इन्फेक्शन का कारण बनती है. साथ ही सर्दी और इन्फ्लूएंजा के लिए जिम्मेदार वायरस भी साइनस संक्रमण का कारण होते हैं. इसके अलावा कुछ बैक्टीरिया जैसे स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया, हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा और मोरेक्सेला कैटरलिस के कारण भी साइनस इन्फेक्शन हो सकता है. एचआईवी, कैंसर या डाइबिटीज से ग्रसित लोगों में साइनस इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा बढ़ सकता है.
साइनस इन्फेक्शन और सामान्य सर्दी में अंतर
साइनस इन्फेक्शन साइनस में सूजन के कारण होता है. साइनस नाक के आसपास की हड्डियों में खोखली गुहा होती है. वही दूसरी तरफ सामान्य सर्दी वायरल इन्फेक्शन के कारण होती है. अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट मुख्य रूप से नाक को प्रभावित करता है.
वायरस की वजह से होने वाले साइनस इन्फेक्शन के लिए मुख्य रूप से राइनोवायरस, इन्फ्लूएंजा वायरस और पैराइन्फ्लुएंजा वायरस जिम्मेदार होते हैं. ऐसे में किसी व्यक्ति में साइनस इन्फेक्शन कई हफ्तों तक रह सकता है. इसके अलावा किसी व्यक्ति में सामान्य सर्दी राइनोवायरस की वजह से होती है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाती है. इसमें छींक आना, नाक बहना, गले में खराश और सिरदर्द होना सामान्य लक्षण हैं.
साइनस इन्फेक्शन के लक्षण गंभीर हो सकते हैं, जिससे आंखों से पानी आना, सिरदर्द, चेहरे का दर्द और साइनस में दबाव महसूस होता है. इसके कारण होने वाले कंजेशन में रोगी को डिकंजेस्टेंट दवाओं से भी राहत नहीं मिलती है, जबकि सामान्य सर्दी में व्यक्ति को कुछ दिनों में आराम मिल जाता है.
साइनस के कारण
वायरस साइनस का सबसे आम कारण है, जिसकी वजह से यह समस्या हो सकती है.
इसके अलावा बैक्टीरिया के कारण भी साइनस इन्फेक्शन के खतरे की संभावना बढ़ जाती है.
एलर्जी के कारण भी नाक की नली में सूजन आ सकती है, जिसकी वजह से बलगम बनने लगता है.
नाक के अंदर बनने वाली छोटी गांठें या पॉलीप्स के कारण भी यह समस्या देखने को मिलती है.
साथ ही नाक के बीच में स्थित हड्डी का टेढ़ा होने से भी यह समस्या पैदा होती है.
साइनस के लक्षण
नाक बंद होना या बहना
हरा या पीला बलगम
गले में खराश
खांसी
सिरदर्द
बुखार
थकान
सूंघने की शक्ति कम होना
थकान
पोस्ट नेजल ड्रिप
नेसल पॉलिप
नाक से गाढ़ा स्राव निकालना
दांत और जबड़े में दर्द
स्वाद लेने की क्षमता में कमी आना
चेहरे पर छूने में दर्द और दबाव महसूस होना
साइनस के प्रकार
तीव्र साइनस संक्रमण
तीव्र साइनस इन्फेक्शन का असर शरीर में 30 दिन से कम समय तक रहता है.
कम तीव्र साइनस संक्रमण
इस तरह का साइनस इन्फेक्शन एक महीने से ज्यादा समय तक रह सकता है.
क्रॉनिक साइनस संक्रमण
इस इन्फेक्शन का शरीर में 3 महीने से भी ज्यादा समय तक रहने की संभावना रहती है.
रीकरंट साइनोसाइटिस
यह बार-बार होने वाला इन्फेक्शन है, जो आम तौर पर वायरस संक्रमण के कारण होता है.
घरेलू उपचार
पर्याप्त पानी पीने से बलगम पतला होता है और नाक से बाहर निकलने में आसानी होती है.
भाप लेने से नाक की नली खुलती है, जिससे बलगम पतला होने लगता है.
गर्म पानी से सिकाई करने से चेहरे के दर्द में आराम मिलता है.
नाक में नमक वाला पानी डालने से नाक की नली खुलती है, जिससे इस समस्या को कम किया जा सकता है.
पर्याप्त आराम करने से शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है.
धूम्रपान नाक की नली में जलन पैदा करता है, जिससे साइनस होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में धूम्रपान से परहेज करें.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/symptoms-and-causes-of-sinus-infection-and-how-to-reduce-it-6802826/




