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22 March, 2024, 07:27 AM
क्यों होता है Kidney Infection? जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
किडनी शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है. यह खून से अपशिष्ट पदार्थों को छानने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करती है.
किडनी शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो ब्लड को फिल्टर करने में मदद करती है. साथ ही यह अपशिष्ट पदार्थों और शरीर से अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाती है. हालांकि खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान के कारण किडनी से संबंधित बीमारियों का खतरा काफी तेजी से बढ़ रहा है. किडनी का ठीक तरीके से काम न करने से बॉडी में पॉइजनिंग बढ़ सकता है, जो कई प्रकार की बीमारियों को बढ़ाने वाली समस्या हो सकती है.
क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) एक गंभीर बीमारी है, जो किडनी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है. इसका इलाज समय रहते इलाज न होने से यह किडनी फेलियर और मृत्यु का कारण बन सकती है. जब किडनी खराब होने लगती है, तो यह शरीर में कई बीमारीयों के होने की संभावना बढ़ा देती है. कम उम्र से ही इन समस्याओं पर गौर किया जाना चाहिए. आइए जानते हैं कि किडनी से जुड़े किन लक्षणों पर ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है?
क्या काम करती है किडनी?
किडनी के बिना ज्यादा दिनों तक जीवन जीना संभव नहीं हो सकता है. खाना पेट में पचने के दौरान किडनी कई तरह के पोषक तत्वों के साथ हानिकारक रसायन को भी रिलीज करने का काम करती हैं. इन हानिकारक रसायनों को बॉडी के बाहर निकालना जरूरी होता है. यह फिल्टरेशन का काम करती है, जिसमें आवश्यक पोषक तत्वों को छानकर बॉडी के अंदर खून में पहुंचा देती है और हानिकारक रसायनों को पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देती है. शरीर के सभी अंग खुद की रक्षा और सफाई करने में सक्षम हैं, लेकिन स्वाद को प्राथमिकता देने की वजह से सेहत को अनदेखा करने से इसका प्रभाव सभी बॉडी पार्ट्स पर पड़ता है. ऐसे में किडनी पर अतिरिक्त दबाव डलने लगता है. अनहेल्दी चीजों का ज्यादा सेवन करने से किडनी उनको शरीर से फिल्टर करने में असमर्थ हो जाती है. ऐसी कंडिशन में किडनी धीरे-धीरे खराब होने लगती है.
किडनी खराब होने के 5 शुरुआती संकेत
पैरों, टखनों और चेहरे में सूजन
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती है, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाता है. इससे पैरों, टखनों और चेहरे में सूजन आ जाती है. किडनी खराब होने पर हीमोग्लोबिन का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिसका असर पैरों, टखनों और चेहरे पर देखने को मिलता है. ऐसे में इसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है.
बार-बार पेशाब आना
रात में भी बार-बार पेशाब आना, खासकर अगर पेशाब की मात्रा कम हो, तो यह किडनी की समस्या का संकेत हो सकता है. किडनी सीधा संबंध पेशाब से होता है, क्योंकि किडनी ही पेशाब बनाती है. यह वेस्ट मैटेरियल को पेशाब के रूप में बाहर निकाल देती है. किडनी में समस्या होने पर इसका प्रभाव पेशाब पर पड़ता है. इसके कारण पेशाब के रंग और स्मैल भी बदलाव हो सकता है. किडनी पर ज्यादा दबाव पड़ने से पेशाब से प्रोटीन आने लगता है, जिसके कारण पेशाब में झाग बनने लगेगा.
थकान और कमजोरी
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. जब किडनी खराब होने लगती है, तो शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो जाते हैं, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है.
भूख न लगना
किडनी खराब होने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन हो सकता है, जिससे भूख न लगने की समस्या हो सकती है. इसकी वजह से तेजी से वजन घटने लगता है. इसके अलावा उल्टी और मतली, मांसपेशियों में ऐंठन, सीने में दर्द, अनिद्रा, एकाग्रता में कमी होने पर भी किडनी खराब होने के संकेत हो सकते हैं.
सांस लेने में तकलीफ
किडनी से जुड़ी समस्या होने पर सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है. इससे हार्ट डिजीज की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है. किडनी का सही तरीके से वेस्ट मैटेरियल नहीं निकालने पर यह लंग्स में भी जा सकते हैं. लंग्स में वेस्ट मैटेरियल जमा होने से फेफड़े में सूजन होने लगती है, जिससे सांस फूलना शुरू हो जाता है. इसके कारण सांस लेने में तकलीफ होती है. इसके अलावा वेस्ट मैटेरियल त्वचा के नीचे जमा होने पर स्किन में रैशेज, खुजली और सुजन जैसी दिक्कते हो सकती है.
किडनी खराब होने पर क्या खाना चाहिए?
फल और सब्जियां
फल और सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होने से किडनी के लिए अच्छे होते हैं. सेब, नाशपाती, तरबूज, खीरा और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है. फल और सब्जियां विटामिन, खनिज और फाइबर का अच्छा स्रोत होती हैं, जो किडनी से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार साबित होती है.
साबुत अनाज
साबुत अनाज फाइबर का अच्छा स्रोत हैं, जो किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. जई, भूरा चावल और साबुत गेहूं की रोटी जैसे साबुत अनाज खाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है.
कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स
कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स कैल्शियम और विटामिन डी का अच्छा स्रोत होते हैं, जो किडनी को खराब होने से बचाने में मदद करते हैं. इसके लिए दूध, दही और पनीर का सेवन कर सकते हैं.
पर्याप्त पानी पीएं
रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी पीने से किडनी को ठीक से काम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही बॉडी हाइड्रेटेड रहती है.
योग और एक्सरसाइज
रोजाना एक्सरसाइज या योग करने से शरीर को कई बीमारीयों से छुटकारा दिलाने में मदद मिलती है. इससे किडनी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. साथ ही शारीरिक और मानसिक विकास में भी मददगार साबित हो सकती है.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/causes-and-symptoms-of-kidney-disease-and-how-to-prevent-kidney-failure-6803473/




