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21 March, 2024, 07:32 AM
बालतोड़ क्यों होता है? जानें इसके लक्षण और उपाय
बालतोड़ एक आम समस्या है, जो त्वचा पर फुंसी के रूप में शुरू होती है और धीरे-धीरे फोड़े में बदल जाती है. यह समस्या असहनीय दर्द और सूजन का कारण बन सकती है.
Skin Boils or Baltod Causes: स्किन इन्फेक्शन के कारण त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें बालतोड़ एक आम समस्या है. बालतोड़ त्वचा पर एक दर्दनाक फोड़ा होता है, जो बालों के रोम में संक्रमण के कारण होता है. यह एक छोटे लाल गांठ के रूप में शुरू होता है, जो धीरे-धीरे बड़ा होकर मवाद से भर जाता है. बालतोड़ शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है, लेकिन यह अक्सर चेहरे, गर्दन, छाती, पीठ और जांघ पर ज्यादा देखने को मिलता है.
शरीर के किसी भी हिस्से का बाल अचानक से टूट जाने से बालतोड़ होता है, क्योंकि अचानक बाल टूटने पर उस जगह पर एक गांठ बन जाती है, जिससे व्यक्ति को दर्दनाक स्थिति का सामना करना पड़ता है. ऐसे में इस समस्या के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है.
क्या है बालतोड़?
स्किन में गांठ होती है, जिसके अंदर मवाद बनने लगता है. यह लाल या सफेद रंग की होती है. समय रहते इसका इलाज न कराने से यह गंभीर समस्या पैदा कर सकती है. बालतोड़ मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, जिसमें नासूर, हिड्राडेनाइटिस सुपराटीवा और पायलोनीडल सिस्ट शामिल है. नासूर में बालों के रोम का एक ग्रुप मौजूद होता है, जिसके कारण गांठ बनती है. इसके कारण उसमें मवाद बनने लगता है. हिड्राडेनाइटिस सुपराटीवा ज्यादातर जांघों के ऊपर वाले हिस्से, बगल के हिस्से को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से फोड़ा बनना शुरू हो जाता है और इसमें मवाद बनने लगती है. पायलोनीडल सिस्ट की समस्या इंफेक्शन के कारण होती है. इसमें व्यक्ति को मवाद, सूजन और दर्द तीनों का सामना करना पड़ता है.
बालतोड़ के लक्षण
प्रभावित जगह पर असहनीय दर्द, सूजन होना.
स्किन पर गांठ दिखाई देना.
त्वचा का रंग लाल हो जाना.
प्रभावित स्थान पर बनी गांठ में मवाद भर जाना.
इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति को कमजोरी या थकावट महसूस होना.
स्थिति गंभीर होने पर तेज बुखार आना.
स्किन पर फोड़े के आकार का दाना निकलना.
बालतोड़ होने के कारण
डाइबिटीज के मरीजों में बालतोड़ की समस्या होने की संभावना काफी हद तक बढ़ सकती है.
इम्यूनिटी कमजोर होने या शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने पर बालतोड़ की समस्या होती है.
स्किन की समय-समय पर साफ सफाई ना करने से भी यह समस्या हो सकती है.
केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना भी बालतोड़ का कारण होता है.
फिलोकोक्कस ऑरियस एक बैक्टीरिया त्वचा पर मौजूद रहता है. यह आमतौर पर नाक और गले में भी पाया जाता है. यह बैक्टीरिया घाव या चोट के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और बाल कूप में संक्रमण पैदा कर सकता है. इसके कारण भी बलतोड़ की समस्या होती है.
बालतोड़ को दूर करने के प्राकृतिक उपचार
दिन में 3-4 बार 10-15 मिनट के लिए प्रभावित जगह पर गर्म पानी की सिकाई करें. इससे बालतोड़ की समस्या को दूर किया जा सकता है.
हल्दी के इस्तेमाल से भी इस समस्या से राहत मिलती है. ऐसे में हल्दी और पानी को मिलाकर एक लेप तैयार करें. फिर लेप को प्रभावित जगह पर लगाएं. हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बालतोड़ को कम करने में मदद करते हैं.
लहसुन का इस्तेमाल करके बालतोड़ की समस्या को कम किया जा सकता है. इसके लिए लहसुन की कलियों का पेस्ट तैयार करके इसे 10 से 15 मिनट के लिए प्रभावित जगह पर लगाएं. ऐसा करने से इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है.
अरंडी के तेल को प्रभावित स्थान पर रूई के माध्यम से लगाने से इस समस्या से राहत मिलती है.
इसके अलावा अरंडी के तेल की कुछ बूंदों को पान के पत्ते पर लगाएं और प्रभावित स्थान पर चिपका दें. ऐसा करने से मवाद बाहर आ जाती है, जिससे बालतोड़ की समस्या दूर हो सकती है.
नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो बालतोड़ की समस्या से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित होते हैं. ऐसे में नीम के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीना फायदेमंद होता है. इसके अलावा नीम के तेल को प्रभावित स्थान पर लगाने से इस समस्या को कम किया जा सकता है.
कलौंजी के तेल को जोजोबा तेल के साथ मिक्स करके प्रभावित स्थान पर लगाने से से बालतोड़ की समस्या से राहत मिल सकती है.
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी को प्रदान करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
Source:
https://www.india.com/hindi-news/health/skin-boils-or-baltod-causes-and-treatment-baltod-ka-ilaj-6800657/




