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बच्चा है पढ़ाई में कमजोर तो जरूर करें ये 3 काम, खुद से बैठ जाएगा रोज पढ़ने

9 March, 2024, 07:59 AM

बच्चा है पढ़ाई में कमजोर तो जरूर करें ये 3 काम, खुद से बैठ जाएगा रोज पढ़ने

कुछ बच्चों की आदत होती है कि जैसे ही आप उन्हें पढ़ने-लिखने के लिए कहते हैं तो वे या तो रोने लगते हैं या बहाने बनाने लगते हैं। किसी तरह बच्चे को पढ़ने बिठा दिया जाए तो भी वह पढ़ाई करने की बजाय इधर-उधर देखने लगते हैं या खेलने लगते हैं। बच्चों की इन आदतों से उनकी पढ़ाई हो नहीं पाती और मां-बाप चिंता करने लगते हैं कि कहीं उनके बच्चे फेल ना हो जाएं। अगर आपके घर में भी ऐसा कुछ होता है और आपका बच्चा पढ़ने-लिखने से भागता है तो हम आपके लिए यहां कुछ टिप्स लिख रहे हैं। इन टिप्स की मदद से आप अपने बच्चे को स्टडीज के लिए तैयार कर सकेंगे।

पढ़ाई से भागने वाले बच्चों को यूं करें पढ़ने के लिए तैयार (Tips to help kids study)
डिसिप्लिन अपनाएं  (Follow Discipline and study rules)
पढ़ने-लिखने का एक समय तय करें और घर की किसी एक जगह पर ही बैठकर उसे पढ़ने के लिए कहें। बच्चे को दिन में कभी भी और कहीं भी बैठकर पढ़ाई करने के लिए ना कहें। किसी शांत, साफ-सुथरी और व्यवस्थित जगह पर बिठाकर बच्चे को पढ़ाएं। पढ़ाई का समय तय करें और स्टडीज के दौरान बच्चे को फोन, टीवी या अन्य कोई गैजेट ना देखने दें।

पढ़ाई में इंट्रेस्ट जगाएं (Make studying interesting)
पढ़ना-लिखना बच्चों को बोरिंग लगता है और इसीलिए वे पढ़ने से बचना चाहते हैं। ऐसे में पेरेंट्स अपने बच्चे को पढ़नेऔर सीखने के लिए कुछ नये तरीके अपना सकते हैं। किताबों के अलावा अखबार, कार्टून्स और वीडियोज की भी मदद ले सकते हैं आप। साइंस और पर्यावरण से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी बढ़ाने के लिए बच्चों को जंगल, साइंस सेंटर और साइंस एक्ज़िबिशन्स में भी ले जा सकते हैं।

बच्चे को करें मोटिवेट
केवल ना पढ़ने के लिए बच्चे को डांटने की बजाय उन्हें पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करना भी आपका ही काम है। जब भी बच्चा ठीक तरह से पढ़ाई करे तो उसकी तारीफ जरूर करें। इससे वे खुश होंगे और अगले दिन पढ़ाई करने के लिए मोटिवेटेड भी महसूस करेंगे।

इन बातों का भी रखें ख्याल-
पढ़ाई-लिखायी के साथ-साथ बच्चे को खेलने के लिए खूब समय दें।
दोस्तों से मिलने, ग्राउंड में खेलने और बाहर जाकर घूमने से बच्चे के लिए बिहेवियरल स्किल्स सीखने में भी सहायता होती है।
भले आपका बच्चा पढ़ाई में कमजोर हो लेकिन कभी भी किसी और बच्चे के साथ उसकी तुलना ना करें। हर बच्चा अलग होता है और अपनी स्पीड से पढ़ाई करता है। इसीलिए तुलना से बचें।
बच्चों के रिजल्ट्स खराब हों तो दूसरों के सामने बच्चे को डांटने या भला-बुरा कहने से बचें। इससे बच्चे का आत्मविश्वासकम हो सकता है।




Source:

https://www.thehealthsite.com/hindi/parenting/try-these-tips-to-make-your-children-to-study-in-hindi-1070208/
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