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7 March, 2024, 10:19 AM
कैंसर रोगियों के लिए वरदान साबित हो सकती है 'साइबरनाइफ' प्रक्रिया, ये ज्यादा सटीक और दुष्प्रभाव भी कम
कैंसर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जिसका खतरा साल-दर साल बढ़ता जा रहा है। वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 में दुनियाभर में 18.1 मिलियन (1.81 करोड़) से अधिक लोग कैंसर के शिकार थे। इस गंभीर-जानलेवा रोग के इलाज में नवाचार और तकनीकी विकास ने प्रक्रिया को पहले की तुलना में अब आसान बना दिया है, पर अब भी ये आम लोगों के लिए काफी कठिन और महंगा ही है।
कैंसर के उपचार के लिए कई प्रकार की दवाओं और थेरेपी को लेकर लगातार शोध जारी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक साइबरनाइफ सर्जरी को कैंसर के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव और आशाजनक रूप से देखा जा रहा है। विशेषज्ञों ने बताया, साइबरनाइफ दुनियाभर में कैंसर रोगियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है। विभिन्न प्रकार के कैंसर का सामना कर रहे रोगियों को इस प्रक्रिया से मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आइए जानते हैं कि साइबरनाइफ क्या है और इससे किस प्रकार से कैंसर रोगियों को मदद मिल सकती है?
पहले जानिए साइबरनाइफ आखिर है क्या?
साइबरनाइफ एक नॉन-इनवेसिव, दर्द रहित इलाज की प्रक्रिया है जो पारंपरिक सर्जरी से जुड़े जोखिमों को कम करने और ऑन्कोलॉजी में मददगार हो सकती है। विशेषज्ञों ने बताया ये रोबोटिक रेडियोसर्जरी प्रणाली, शरीर में बन रहे ट्यूमर तक अत्यधिक सटीक और लक्षित ढंग से रेडिएशन पहुंचाती है जिससे न सिर्फ कैंसर कोशिकाओं को बेहतर तरीके से नष्ट किया जा सकता है, साथ ही इससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान होने का जोखिम भी कम होता है।
कई प्रकार के कैंसर में मिल सकता है लाभ
भारत में भी साइबरनाइफ रेडियो सर्जरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कैंसर विशेषज्ञ कहते हैं, अब तक पारंपरिक उपचार के दौरान रेडिएशन के कारण स्वस्थ कोशिकाओं को भी क्षति पहुंचने का बना रहता है। साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी ने कैंसर के इलाज के परिदृश्य को बदल दिया है, जो जटिल परिस्थितियों से जूझ रहे लोगों को आशा की किरण प्रदान करता है।
साइबरनाइफ में सबमिलिमीटर सटीकता के साथ कम समय में रेडिएशन पहुंचाने की क्षमता है, साथ ही इसका इमेजिंग सिस्टम (रियलटाइम इमेजिंग) यह सुनिश्चित करती है कि रेडिएशन ट्यूमर तक सटीक रूप से पहुंचता रहे। मस्तिष्क, रीढ़, फेफड़े, यकृत और अग्न्याशय सहित विभिन्न प्रकार के ट्यूमर के इलाज में इसके प्रभावी परिणाम देखे गए हैं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में रेडिएशन थेरेपी एक्सपर्ट और कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजिंदर कटारिया बताते हैं, साइबरनाइफ का प्रभाव रोगियों के इलाज के साथ कैंसर देखभाल के व्यापक परिदृश्य में बड़ी क्रांति साबित हो सकता है। सबसे खास बात, ये कम जोखिमों के साथ कैंसर का सटीक उपचार विकल्प प्रदान करता है। ट्यूमर का इलाज करने की इसकी क्षमता कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार प्रदान करती है।
हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में इसके और भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे और कैंसर का समय पर इलाज इस गंभीर रोग के मृत्युदर को कम करने में सहायक हो सकेगा। इस उपचार प्रक्रिया के दौरान साइड-इफेक्ट्स का भी जोखिम कम होता है।
सर उपचार के दुष्प्रभावों को कम करने वाली दवा
कैंसर उपचार के साइड-इफेक्ट्स को कम करने के लिए भी अध्ययनकर्ता लगातार शोध कर रहे हैं। इसी से संबंधित एक हालिया अध्ययन के मुताबिक मुंबई में टाटा इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों को बड़ी सफलता मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विशेषज्ञों की टीम ने कैंसर के इलाज में एक अभूतपूर्व खोज की है। टीम का दावा है कि उन्होंने एक ऐसी गोली विकसित कर ली है जो कैंसर को दोबारा होने से रोकने और कैंसर के उपचार के दुष्प्रभावों को 50 फीसदी तक कम करने में मददगार हो सकती है। खास बात ये है कि ये दवा काफी किफायती भी है, एफएसएसएआई से मंजूरी मिलते ही यह टैबलेट 100 रुपये में उपलब्ध हो सकेगी।
Source:
https://www.amarujala.com/photo-gallery/lifestyle/fitness/cyberknife-surgery-is-revolutionising-tumour-treatment-know-its-benefits-in-treatment-2024-03-07




