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अंटार्कटिक में पहली बार मिला Bird Flu का मामला, जानें क्या है यह बीमारी और इंसानों के लिए कितनी खतरनाक

28 February, 2024, 08:26 AM

अंटार्कटिक में पहली बार मिला Bird Flu का मामला, जानें क्या है यह बीमारी और इंसानों के लिए कितनी खतरनाक

हाल ही में वैज्ञानिकों ने अंटार्कटिक में बर्ड फ्लू के पहले मामले की पुष्टि की है। यह पहली बार है जब अंटार्कटिक की मेनलैंड पर बेहद खतरनाक बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। Bird Flu को एवियन फ्लू भी कहा जाता है जो इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का एक प्रकार है। यह ज्यादातर जंगली जल पक्षियों को संक्रमित करता है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें-
अंटार्कटिक में पहली बार बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है।
वैज्ञानिकों ने हाल ही में यहां H5N1 एवियन फ्लू के खतरे को उजागर किया है।
यह एक खतरनाक बीमारी है, जो जंगली जल पक्षियों को संक्रमित करता है।
बीते दिनों अंटार्कटिक (Antarctica) बेस प्रिमावेरा के पास मृत मिले स्कुआ समुद्री पक्षी के नमूनों में अर्जेंटीना के वैज्ञानिकों ने वायरस की पुष्टि की है। इस मामले के सामने आने के बाद जेंटू पेंगुइन समेत आसपास के द्वीपों पर H5N1 एवियन फ्लू (Bird Flu) के खतरे को उजागर किया है, जिसने हाल के महीनों में दुनिया भर में पक्षियों की आबादी को नष्ट कर दिया है। इस बारे में सीएसआईसी ने एक बयान में कहा कि, "विश्लेषण से पता चला है कि पक्षी एवियन इन्फ्लूएंजा के एच5 सब-वेरिएंट से संक्रमित थे और मृत पक्षियों में से कम से कम एक में अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस था।"
वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि यह पहली बार है, जब अंटार्कटिक की मुख्य भूमि पर घातक प्रकार के बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जो दक्षिणी क्षेत्र की विशाल पेंगुइन के लिए संभावित खतरा है। आइए जानते हैं क्या है बर्ड फ्लू और इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें-
क्या है बर्ड फ्लू?
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक बर्ड फ्लू, जिसे एवियन फ्लू भी कहा जाता है, इन्फ्लूएंजा (फ्लू) का एक प्रकार है, जो ज्यादातर जंगली जल पक्षियों को संक्रमित करता है। हालांकि,यह घरेलू पक्षियों जैसे मुर्गी और अन्य जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। यह इन्फ्लूएंजा ए टाइप वायरस का स्ट्रेन है।

इतना ही नहीं बर्ड फ्लू लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। हालांकि, इसके मामले काफी कम ही देखने को मिलते हैं। इंसानों को प्रभावित करने वाले इसके सबसे आम सबटाइप में A(H5N1), A(H7N9) और A(H9N2) शामिल हैं। इसके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर फ्लू जैसी बीमारी तक हो सकते हैं, जिसकी वजह से रेस्पिरेटरी फेलियर या मौत भी हो सकती है।

बर्ड फ्लू के लक्षण क्या है?
लोगों में बर्ड फ्लू के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें सामान्य फ्लू के लक्षण शामिल हो सकते हैं जैसे:-

दस्त
खांसी
उल्टी आना
आंखें लाल होना
गला खराब होना
भरी हुई या बहती हुई नाक
शरीर और मांसपेशियों में दर्द
100 डिग्री फारेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) या इससे अधिक का बुखार
बर्ड फ्लू गंभीर रेस्पिरेटरी लक्षण और स्थितियों का कारण भी बन सकता है, जिनमें निम्न शामिल हैं:-

न्यूमोनिया
रेस्पिरेटरी फेलियर
एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस
सांस की तकलीफ डिस्पेनिया
किसे प्रभावित करता है बर्ड फ्लू?
बर्ड फ्लू आमतौर पर उन लोगों को प्रभावित करता है, जो जीवित या मृत संक्रमित पक्षियों के साथ संपर्क में रहे हैं। इनमें मुर्गियां, टर्की, जलपक्षी (बतख, हंस) और शिकार करने वाले पक्षी (बाज) शामिल हो सकते हैं, जो जंगल में संक्रमित जलपक्षी के संपर्क में आए हों। संक्रमित पक्षी अपनी लार, मल (मल) और बलगम के जरिए वायरस फैला सकते हैं। बहुत ही दुर्लभ मामलों में, संक्रमित पक्षियों के संपर्क से संक्रमित होने वाले इन लोगों में उनके परिवार के सदस्य और अन्य करीबी संपर्क भी संक्रमित हो सकते हैं।

बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के बाद जिन लोगों में गंभीर बीमारी विकसित होने का खतरा सबसे अधिक होता है उनमें निम्न शामिल हैं-

गर्भवती महिलाएं
कमजोर इम्युनिटी वाले लोग
65 साल या उससे अधिक उम्र लोग
बर्ड फ्लू कैसे फैलता है?

अगर आप ड्रॉपलेट्स या धूल में मौजूद वायरस में सांस लेते हैं, तो आप संक्रमित हो सकते हैं। किसी संक्रमित चीज को छूने के बाद उसी हाथ से फिर अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूने से भी आप संक्रमित हो सकते हैं।

इसके अलावा बर्ड फ्लू उन लोगों से भी फैल सकता है जो संक्रमित थे, जिनका संक्रमित पक्षियों से कोई संपर्क नहीं था, लेकिन यह दुर्लभ है। आपको ठीक से प्रोसेस्ड मुर्गे आदि को खाने से बर्ड फ्लू नहीं हो सकता है, लेकिन आपको ऐसी कोई भी चीज खाने से बचना चाहिए जिसमें कच्चा मांस या खून शामिल हों।

बर्ड फ्लू से बचाव कैसे करें
बर्ड फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है, जो मुर्गीपालन का काम करते हैं। अगर आप पोल्ट्री में काम करते हैं, तो आपको हर समय सुरक्षात्मक उपकरण पहनने जैसी सावधानियां बरतना जरूरी है।
अगर आप पोल्ट्री में काम नहीं करते हैं, तो यात्रा करते समय पोल्ट्री फार्मों और बाजारों जाने से बचें।
अगर आप जंगली बत्तखों या अन्य जलपक्षियों के संपर्क में हैं, तो सावधान रहें।
हमेशा हाथ धोने की आदत को अपनाएं और गंदे हाथों से अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में जाते हैं, जहां बर्ड फ्लू के मामले हैं, तो सुनिश्चित करें कि अगर आपमें फ्लू के कोई लक्षण हों, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।









Source:

https://www.jagran.com/lifestyle/health-first-case-of-bird-flu-virus-is-found-in-mainland-antarctica-know-what-is-avian-flu-its-symptoms-causes-prevention-in-hindi-23663333.html
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