News Info
Go back
8 December, 2020, 11:52 PM
धीरे-धीरे गंभीर हो सकता है अस्थमा, जानें इसके प्रकार, लक्षण और इलाज
अस्थमा एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके वायुमार्ग में सूजन होने लगती है जिस कारण आपको सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में न सिर्फ आपको सांस लेने में परेशानी होती है बल्कि आप कई दूसरी चीजों से भी परेशान रहते हैं। आपको इस दौरान बहुत ज्यादा खांसी, गले में घरघराहट और कफ की समस्या हो सकती है। ये बच्चों या बड़ों किसी में भी हो सकता है और ये किसी के लिए कम या ज्यादा भी हो सकता है। अस्थमा का इलाज डॉक्टर मरीज के लक्षण और स्थिति को देखते हुए करते हैं। अगर सही समय पर इसका इलाज न कराया जाए तो ये काफी गंभीर स्थिति बन सकती है, कई लोगों को अस्थमा पहचानने में तकलीफ हो सकती है। लेकिन आपको इसके लक्षणों को ध्यान में रखते हुए और संबंधित जांच के जरिए इसकी पहचान की जा सकती है। अस्थमा कई प्रकार का होता है, जिसको पहचानना हर किसी के लिए परेशानी भरा हो सकता है।
अस्थमा के प्रकार (Types Of Asthma In Hindi)
हल्का अस्थमा
हल्का अस्थमा किसी को भी हो सकता है, इसके लक्षण आपको कई दिनों में नजर आ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लक्षण आपको हल्के-हल्के कुछ दिनों तक दिखाई दे सकते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में अस्थमा का ये प्रकार आपकी सांस लेने की प्रक्रिया पर ज्यादा रुकावट नहीं डालता। आप इस अस्थमा के साथ आसानी से अपनी जीवनशैली को देख सकते हैं, लेकिन जब इसके लक्षण ज्यादा होने लगते हैं तो ये बढ़ भी सकता है। जिसके लिए जरूरी है कि आप डॉक्टर से इस बारे में संपर्क कर सकते हैं।
लक्षण
हल्की खांसी।
कफ की समस्या।
सांस लेते समय घरघराहट।
सांस लेने में तकलीफ होना।
इलाज
जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि अस्थमा के प्रकार और इसके लक्षणों को देखते हुए ही डॉक्टर मरीज का इलाज करते हैं। हल्के अस्थमा की स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होती इसलिए इसके लिए आपको बहुत ज्यादा दवाई की भी जरूरत नहीं होती है। इसके लिए डॉक्टर आपको लक्षण को कम करने के लिए दवा दे सकते हैं। वहीं, अगर आपकी स्थिति या लक्षण खराब दिखते हैं तो आपको ज्यादा दवाओं के साथ इलाज की सलाह दी जाती है।
किसे है ज्यादा खतरा
परिवार में किसी को पहले से अस्थमा हो।
धूम्रपान या सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में आना।
प्रदूषण के कारण।
रसायनों के संपर्क में ज्यादा आना।
लगातार अस्थमा
लगातार अस्थमा यानी आप अस्थमा के उस लक्षणों के साथ है जो आपको हफ्ते में एक से दो बार नजर आते हैं, लेकिन ये बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं। ये लक्षण आपकी लापरवाही के कारण भी बढ़ सकते हैं या अगर आप सही समय पर इसका इलाज न कराएं तो ये आपको बीमार बना सकते हैं। हालांकि हल्के अस्थमा की तरह ये स्थिति भी आपके लिए बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं है, लेकिन हां आपके लिए नजरअंदाज करना भी भारी पड़ सकता है। जरूरी है कि आप समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेते रहें।
लक्षण
सांस लेने में परेशानी।
खांसी।
कफ।
वायुमार्ग में भारीपन या सूजन महसूस होना।
छाती में जकड़न और भारीपन।
इलाज
इस स्थिति में डॉक्टर आपको इन्हेलर से लक्षण कम करने की सलाह दे सकता है और कुछ दवाओं का पालन करने के लिए कह सकता है। अगर आप बहुत ज्यादा लक्षणों के साथ होते हैं तो इन्हेलर आपके लिए रोजाना इस्तेमाल करना होता है। वहीं, कुछ एलर्जी को कम करने के लिए आपको कुछ दवाएं भी डॉक्टर देगा जिसकी मदद से आप खुद के लक्षणों को कम कर सकते हैं। किसे है ज्यादा खतरा
बहुत ज्यादा वजन वाले लोग।
धूम्रपान।
प्रदूषण के बीच रहना।
परिवार का अस्थमा से जुड़ा इतिहास।
मध्यम अस्थमा
मध्यम अस्थमा के लक्षण आपको थोड़ा जल्दी-जल्दी नजर आ सकते हैं, इसमें आपको हर रात परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण आप रोजाना बढ़ते हुए भी देख सकते हैं, इसलिए जरूरी है कि आप इसके लक्षणों के साथ तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर आप इसे नजरअंदाज करते हैं तो ये आपके लिए गंभीर स्थिति बन सकती है।
लक्षण
सांस लेने के दौरान घरघराहट होना।
खांसी।
वायुमार्ग में सूजन पैदा होना।
बार-बार बलगम निकलना।
सीने में जकड़न या दर्द।
इलाज
अस्थमा के इस प्रकार में आपका डॉक्टर आपके बढ़ते हुए लक्षणों को देखते हुए आपकी दवाई की मात्रा को बढ़ा सकता है और इन्हेलर को बार-बार इस्तेमाल करने की सलाह दे सकता है। डॉक्टर द्वारा दी गई दवा आपके बढ़े हुए लक्षणों को कम कर सकती है और इन्हेलर की मदद से आप रात में सांस लेने की परेशानी से बचाव कर सकते हैं।
किसे है ज्यादा खतरा
मोटापे या बढ़ता हुआ वजन।
एलर्जी के कारण।
प्रदूषण के बीच रहना।
बहुत ज्यादा धूम्रपान।गंभीर अस्थमा की स्थिति
अस्थमा की ये स्थिति काफी गंभीर होती है, इसलिए इस स्थिति में डॉक्टर आपके लक्षणों को काफी ध्यान से समझते हैं और फिर आपको दवाएं लिखते हैं। इस दौरान आपको लक्षण रोजाना और एक दिन में कई बार नजर आ सकते हैं। सबसे ज्यादा आपको बदलते मौसम में भी परेशानी हो सकती है, बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए आपको अपना बचाव करना चाहिए। इस दौरान अस्थमा रोगियों के लक्षण काफी तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप डॉक्टर से लक्षण को कम करने के लिए सलाह लें।
लक्षण
बहुत ज्यादा खांसी होना।
सांस लेने में लगातार परेशानी होना।
खांसी और सांस लेते समय छाती में जकड़न महसूस हो या दर्द।
वायुमार्ग में बहुत ज्यादा भारीपन या सूजन महसूस होना।
बार-बार ज्यादा बलगम निकलना। इलाज
अस्थमा की इस गंभीर स्थिति में आपके लक्षण अहम भूमिका निभाते हैं, उन्हें देखते हुए ही डॉक्टर आपको सही इलाज दे सकता है। इस दौरान आपको कई दवाओं के साथ भारी खुराक दी जाती है। इसमें आपको इन्हेलर बार-बार इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है और कुछ उपाय बताए जाते हैं जिसकी मदद से आप खुद के लक्षणों को कम कर सकते हैं।
किसे है ज्यादा खतरा
गंभीर अस्थमा की स्थिति किसी को भी हो सकती है, ये हल्के अस्थमा के साथ शुरू होने के साथ गंभीर स्थिति तक आसानी से जा सकता है। इसके पीछे मुख्य कारण मरीज का ये होता है कि वो हल्के अस्थमा के दौरान इस स्थिति को नजरअंदाज करने की कोशिश करता है और जो बचाव किए जाने चाहिए उन बचाव से दूर रहता है। ये बहुत ज्यादा होने पर आपके फेफड़ों को खराब करने का काम करता है जिस कारण आप अन्य स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति में भी जा सकते हैं। ये बच्चे या बड़े किसी में भी आसानी से हो सकता है।
परिवार के सदस्यों को पहले से इसका शिकार होना पड़ा हो।
बहुत ज्यादा धूम्रपान की आदत।
लगातार बढ़ता वजन।
भारी प्रदूषण के बीच लंबे समय तक रहना।
व्यावसायिक रसायनों के संपर्क में रहना।
परिवार में किसी सदस्य को पहले से अस्थमा हुआ हो।
Source:
https://www.onlymyhealth.com/types-of-asthma-symptoms-causes-and-treatment-in-hindi-1607406984




