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16 October, 2020, 03:38 AM
दो घंटे तक गर्म पानी में रखें, फिर बनाएं सब्जियां,
बाजार में मिलने वाली अधिकतर सब्जियां केमिकलयुक्त हैं। केमिकल का प्रभाव कम करने के लिए बनाने से पहले दो घंटे तक सब्जियों को गर्म पानी में रखना चाहिए। इससे सब्जियों के पोषक तत्व भी बरकरार रहेंगे और केमिकल का असर भी कम हो सकेगा। यह बात कानपुर स्थित सीएसए के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. उदित नारायण ने कही।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में पर्यावरण अनुकूलन एवं टिकाऊ खेती के पादप स्वास्थ्य प्रबंध विषय पर आयोजित दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन मंगलवार को देश भर से आए कृषि वैज्ञानिकों ने खेती में जैविक रसायनों के प्रयोग पर बल दिया।
डॉ. उदित ने बताया कि अगर कोई मां केमिकलयुक्त सब्जी खाकर बच्चे को स्तनपान कराती है तो बच्चे पर भी इसका असर पड़ता है। अंधाधुंध रसायनों के प्रयोग से पोषक तत्वों के साथ सब्जी का स्वाद भी समाप्त हो जाता है। बताया कि किसानों को मौसम केपूर्वानुमान को जानना चाहिए ताकि मौसम की मार से फसल बचाई जा सके।
कीटनाशकों की जगह ट्राइकोडर्मा और नीम के सत जैसे जैविक उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए। संस्थान की डॉ. पूनम सिंह, डॉ. खलील खान, डॉ. यूके त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
पैदावार बढ़ाने को किया जा रहा अंधाधुंध रसायनों का प्रयोग
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय समस्तीपुर के वैज्ञानिक डॉ. कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि किसान फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए अंधाधुंध रसायनों का प्रयोग कर रहे हैं। इन प्रतिबंधित रसायनों से उपजी फसल तमाम बीमारियों को जन्म दे रही है। इन फसलों के सेवन से पीढ़ी दर पीढ़ी आनुवांशिक बीमारी हो सकती है।
किसानों को खेती में पुरानी पद्धति अपनानी चाहिए। गोबर खाद का प्रयोग करना चाहिए। फसल चक्र का पालन करना चाहिए। बताया कि प्रतिबंधित रसायन मृदा मित्र कीटों को खत्म कर देते हैं जबकि ये कीट पौधे के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। जिन किसानों केपास साधन नहीं हैं, वे पुरानी पद्धति अपनाकर जीरो बजट खेती कर सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने प्रस्तुत किए शोध पत्र
संयोजक डॉ. वेदरतन ने बताया कि अंतिम दिन डॉ. आरके मिश्रा, डॉ. नईमुद्दीन, डॉ. भूपेंद्र सिंह, डॉ. वंदना, डॉ. अकरम सहित कई वैज्ञानिकों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
विवि की हर्षिता को मिलेगा अवॉर्ड
अपने शोध पर अच्छे विचार रखने पर सीएसए की शोध छात्रा हर्षिता को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली में 16 से 20 जनवरी तक होने वाले वार्षिक सम्मेलन में एमजे नरसिंहन अवार्ड दिया जाएगा।
Source:
https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/kanpur/keep-in-hot-water-for-two-hours-then-make-vegetables




