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23 September, 2020, 03:35 AM
डिप्रेशन से कैसे बचे: डिप्रेशन से पीड़ित है, तो अपनाये ये तरीके | डिप्रेशन का इलाज
डिप्रेशन क्या है
तनाव की तुलना में अवसाद एक गहरी और अधिक गहन ‘स्थिति’ है और इसका शिकार किसी भी उम्र का व्यक्ति हो सकता है अगर किसी को चिंता या तनाव अधिक समय तक रहता है तो चिंता अवसाद का रूप ले लेती है। जिसके कारण वह व्यत्कि लंबे समय तक (कभी-कभी महीनों या वर्षों तक) परेशान रहने लगता है, नाखुश या लोगो से दूर रहता है और अकेले रहना ज्यादा पसंद करता है। इस स्थिति में लोगों का मन ज़िंदगी से भर जाता है, उस व्यक्ति की उन सभी गतिविधियों में रुचि ख़त्म हो जाती है जिसमे वह सामान्य रूप से आनंद लेता हैं, उस इंसान की रोजमर्रा की ज़िंदगी, कामकाज और व्यवहार पर बुरा प्रभाव पड़ता है और बहुत से बदलाव देखने को मिल सकते है। डिप्रेशन के बारे में समझना और उससे कैसे बाहर निकलना है ये तरीका हमे पता होना चाहिए जिससे हम अपनी और अन्य लोगो की मदद कर सकें।
डिप्रेशन से बाहर निकलने के उपाय (डिप्रेशन से कैसे बचे)
यदि आप डिप्रेशन से बचना चाहते है तो सबसे पहले शुरुआत आपको ही करनी पड़ेगी इस बारे में अपने प्रियजनों या डॉक्टर से खुलकर बात करें। साथ ही अपने रोज के कामो में और अपनी दिनचर्या में कुछ सकारात्मक बदलाव लाये, हो सके तो ख़ुद को दूसरे कामो में व्यस्त कर ले जिससे आपको उस वजह के बारे में सोचने का समय न मिले जिसकी वजह से आप डिप्रेशन में हो पर इसी बीच आपको अपनी सेहत का भी ध्यान रखना है और ख़ुद के लिए भी एक अच्छा समय निकालना है लेकिन डिप्रेशन के दौरान ये आप कैसे कर सकते है, आइए जानते हैं।
1. अपने प्रियजनों से बात करें और मदद मांगें
अगर आप डिप्रेशन से गुज़र रहे हैं, तो आपको इससे उबरने के लिए रोज या नियमित अंतराल पर ऐसे व्यक्ति से बात करे जिनसे बात करना अपनी परेशानी साझा करना अच्छा लगता हो पर साथ ही आप उन पर भरोसा भी करते हो यह उपाय सच में एक रामबाण साबित हो सकता है। आप ऐसे भरोसेमंद लोगो से खुलकर अपनी समस्याएं सांझा करें और इस परिस्थिति से लड़ने के लिए उनसे मदद मांगें। और इस बात की चिंता न करें की ये लोग हमारे बारे में क्या सोचेंगे क्योकि अपनों से मदद लेने में हमें जरा भी शर्म या संकोच नहीं करनी चाहिए। ऐसे बुरे समय में ही अच्छे और विश्वास योग्य लोगो की पहचान होती है। अगर हमारे अपने ही हमारी मदद नहीं करेंगे तो और कौन करेगा।
2. रोज़ाना व्यायाम या योगा करें
क्या आप जानते है की बहुत से वैज्ञानिक शोध में ये साबित हो चुका है कि व्यायाम या योग आपके डिप्रेशन (अवसाद) को दूर करने का सबसे अच्छा तरीक़ा है। जब हम व्यायाम करते हैं तब टेस्टोस्टेरोन और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन्स हमारे शरीर में रिलीज़ होते हैं। जो की हमारे दिमाग़ को स्थिर करने का काम करते हैं। जिससे हमारे डिप्रेशन को बढ़ाने वाले नकारात्मक विचार आने कम हो जाते हैं। व्यायाम या योग करने से हम, न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से सेहतमंद और मजबूत बनते है बल्कि शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।
3. अच्छा सेहतमंद खाना खाएं
जब एक व्यक्ति डिप्रेशन में होता है तो वह खाना पीना कम कर देता है या बिल्कुल ही खाना पीना छोड़ देता है अच्छा खाना हर किसी के लिए जरुरी है पर जब आप किसी शारीरिक या मानसिक समस्या से पीड़ित हो चुकें होते हो तो, आपके लिए सेहतमंद खानपान और भी ज्यादा जरुरी हो जाता है। क्योकि सेहतमंद और संतुलित खानपान से आपकी सेहत तो अच्छी रहती ही है साथ ही आपका मन भी ख़ुश रहता है। अगर ऐसे में आपकी पसंद का खाना मिल जाये तो उससे अच्छा क्या होगा इसलिए ऐसे समय में अपनी पसंद के सेहतमंद खाने पीने का पूरा ध्यान रखें।
4. अपने अंदर की क्रिएटिविटी और विचारो को बाहर आने दे
आपके अंदर नकारात्मक विचार सबसे अधिक तब आते है जब आपके पास खाली समय होता है इसलिए ऐसे खाली समय को इस्तेमाल करे और अपने अंदर के कलाकार को बहार आने दे, ऐसे काम करे जो करना आपको पसंद है जैसे अगर आपको लिखने का शौक है तो पेन और पेपर लेकर आपके मन में चल रही भावनाओ और नकारात्मक विचारो को लिख डाले साथ ही खुद से बात करे की अगर ये समस्या किसी अन्य व्यक्ति के साथ घटी होती तो आप उसे क्या सलाह देते, हमारे ख्याल से इससे अच्छा शायद ही कुछ होगा क्योकि डिप्रेशन से निकलने के बारे में आपको खुद भी पता होता है क्योकि आपको कौन सी चीज ज्यादा परेशान करती है और और क्या चीज आपको सबसे अधिक खुशी देती है इसके बारे में आपसे बेहतर शायद ही कोई और इंसान जानता हो बस आपको खुद को समझना है और उसे अपनी कलम से एक कागज पर लिख कर रोज फॉलो करना है। देखना आप जल्द ही इस स्थिति से बाहर निकल जायेंगे।
इन दिनों ब्लॉग्स और अन्य कंटेंट को साझा करने के लिए बहुत से विकल्प मौजूद है जैसे आप ट्विटर, फ़ेसबुक और अन्य मीडिया का इस्तेमाल करके भी अपने विचारो को दुसरो के साथ साझा कर सकते हैं ताकि वो लोग जो इस स्थति से जूझ रहे है आपके विचारो को पढ़ कर उत्साहित हो सके।
5 . नकारात्मक लोगों से दूरी बनाएं और दोस्तों से जुड़ें
आपके अच्छे दोस्त आपके भाव और विचारो को अच्छा बनाने में आपकी मदद करते है। साथ ही ऐसे दोस्तों से अपने विचारो को साझा करके आपको आवश्यक सहानुभूति भी मिलती है। वही लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनते हैं और उसके प्रति अपने विचार देते है डिप्रेशन के दौर में जब हम बिल्कुल अकेला महसूस करते है तो ऐसे में अगर कोई हमारे मन में चल रही बातो और मनोभावों को समझे या धैर्य से सुन भी ले तो हमें बहुत अच्छा लगता है। अपने ऐसे सकारात्मक दोस्तों से जुड़ने के साथ-साथ आप उन लोगों से दूर रहे, जो खुद परेशान है या नकारात्मकता विचारो से भरे होते हैं। ऐसे लोग खुद के साथ साथ हमेशा दुसरो का भी मनोबल गिराने का काम करते हैं।
Source:
https://blog.houseofdiagnostics.com/2019/12/30/depression-treatment-and-cure/




