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हडि्डयों को हर उम्र में चाहिए ताकत डॉ. सुनीला खंडेलवाल, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं मेनोपॉज कंसल्टेंट, जयपुर

13 May, 2015, 02:43 AM

हडि्डयों को हर उम्र में चाहिए ताकत डॉ. सुनीला खंडेलवाल, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं मेनोपॉज कंसल्टेंट, जयपुर

"हमारे शरीर में कैल्शियम को एब्जॉर्ब करने के लिए विटामिन-डी का होना जरूरी होता है इसके लिए धूप लें " महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे सभी पोषक तत्व उचित मात्रा मे लेती रहें क्योंकि उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर उनके शरीर में इनकी भारी कमी होती रहती है और उन्हें हडि्डयों और मांसपेशियों की तकलीफों का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं इस संबंध में आवश्यक तथ्यों के बारे में- बोन रॉबर से बचें हार्ट, नर्व सिस्टम और मांसपेशियों तीनों के लिए भी कैल्शियम जरूरी होता है। इसकी कमी से हडि्डयों के कमजोर और फ्रैक्चर होने की आशंका बढ़ने लगती है। आमतौर पर जितना कैल्शियम हम भोजन में खाते हैं उसका 20 से 40 प्रतिशत ही हमारा शरीर एब्जॉर्ब कर पाता है और बढ़ती उम्र के साथ-साथ यह घटता चला जाता है। स्टेरॉएड्स दवाएं, शराब पीना, धूम्रपान करना व तनाव लेना और व्यायाम न करना बोन रॉबर कहलाते हैं। ये शरीर के दुश्मन बनकर कैल्शियम की कमी को बढ़ाते हैं और बोनमैरो (अस्थिमज्जा) को खींचते हैं। शरीर में विटामिन-सी, डी, के, फॉस्फोरस और मैगनीशियम की कमी होने से भी कैल्शियम घटने लगता है। दूध और इससे बनीं चीजें लें आमतौर पर कहा जाता है कि रोजाना एक-दो गिलास दूध पीकर कैल्शियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। लेकिन ऎसा नहीं है क्योंकि दूध से जो पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं उसकी कमी कोई और चीज पूरी नहीं कर सकती, वैसे ही अन्य पोषक तत्वों की कमी दूध पूरी नहीं कर सकता है। इसलिए दूध को संपूर्ण आहार नहीं माना जा सकता। जरूरी है कि केवल दूध को ही एकमात्र कैल्शियम का स्रोत न माना जाए बल्कि दही, छाछ व पनीर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे, अंकुरित अनाज, दानामेथी, चौलाई और तिल जो कैल्शियम से भरपूर व अन्य पोषक तत्वों के भी स्रोत हैं, उन्हें भी डाइट में शामिल करे। कितनी मात्रा है जरूरी हमारे शरीर में कैल्शियम को एब्जॉर्ब करने के लिए विटामिन-डी का होना जरूरी होता है इसके लिए धूप लें। आमतौर पर एक वयस्क को एक दिन में 600 मिलिग्राम, गर्भवती महिला को 1200 मिलिग्राम, फीडिंग मदर को 1500 मिलिग्राम और मेनोपॉज के बाद महिलाओं को अधिकतम 1200 और कम से कम 800 मिलिग्राम कैल्शियम की मात्रा लेनी चाहिए। एक गिलास दूध, एक कटोरी दही या एक कटोरी हरी सब्जी में 300 मिलिग्राम कैल्शियम मौजूद होता है। रोजाना 800 से 1200 यूनिट विटामिन-डी भी लें। मेनोपॉज के बाद बढ़ती उम्र मे मेनोपॉज के बाद "एस्ट्रोजन" हार्मोन का स्तर कम हो जाता है जिससे महिलाएं ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या से पीडित होने लगती हैं। दुनिया में हर दूसरी महिला उम्र के पड़ाव के साथ-साथ इस रोग की शिकार होती है। ऎसे में उनकी हडि्डयां पतली, कमजोर और खोखली होने लगती हैं। जिसका यदि समय रहते इलाज न किया जाए तो भविष्य में विकलांगता व फ्रैक्चर (रीढ़, कूल्हे या कलाई की हड्डी का टूटना) भी हो सकता है। लक्षण हल्का पीठदर्द, रीढ़ की हड्डी में विकृति (मुड़ना या झुकना), कूबड़ापन और लंबाई मे कमी जैसी समस्या हो सकती है। ये करें महिलाएं सेहत पर ध्यान दें और समय-समय पर डॉक्टरी देखरेख में इलाज लें। हडि्डयों की मजबूती के लिए पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और योगा आदि करें। शराब, तंबाकू, धूम्रपान, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से परहेज करें। ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए चिकित्सक से संपर्क कर रक्त में कैल्शियम, विटामिन-डी और हडि्डयों की जांच कराएं। मेनोपॉज के बाद के प्रथम दो वर्षो के बाद विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार हार्मोन थैरेपी लेनी चाहिए। ऎसे में संपूर्ण जांच और देखरेख के बाद महिला को हार्मोस दिए जाते हैं। यदि महिला ऑस्टियोपोरोसिस से पीडित हो तो विटामिन-डी व कैल्शियम की गोलियों के साथ बिसफॉस्फोनेट और कैल्सीटोनिन इंजेक्शन या स्प्रे लेने की सलाह दी जाती है। इस स्थिति में महिला को ऎसी जगह जाने से मना किया जाता है जहां ज्यादा भीड-भाड़ हो। महिला को बैठने-उठने का सही तरीका अपनाने, अधिक वजन उठाने और ज्यादा तेज चलने आदि से मना किया जाता है। डॉ. सुनीला खंडेलवाल, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं मेनोपॉज कंसल्टेंट, जयपुर

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